मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर विंध्य के नेताओं का मुख्यमंत्री निवास घेराव का प्रयास, तीन गिरफ्तार पृथक विंध्य प्रदेश और न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में प्रदर्शन की थी तैयारी

स्थापना दिवस पर विंध्य के नेताओं का मुख्यमंत्री निवास घेराव का प्रयास, तीन गिरफ्तार
पृथक विंध्य प्रदेश और न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में प्रदर्शन की थी तैयारी, कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की भी उठाई मांग
भोपाल,यश भारत।मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर जहां प्रदेशभर में जश्न मनाया जा रहा था, वहीं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे विंध्य क्षेत्र के नेताओं को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे विंध्य नागरिक अधिकार मंच के तीन पदाधिकारियों को अयोध्या नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मंच के पदाधिकारी दिलीप तिवारी, धीरेन्द्र राणा और अनीश शर्मा को उनके घरों से हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। मंच के मुताबिक, प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दो से तीन थानों का बल तैनात कर यह कार्रवाई की। थाने से आंदोलनकारी दिलीप तिवारी ने कहा कि गिरफ्तारी से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
विंध्य के अधिकारों गरीबों आदिवासियों किसानों और आम जनता के न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार की कार्रवाई के बावजूद आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। मंच की प्रमुख मांगों में पृथक विंध्य प्रदेश का गठन रीवा के रोजौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर टाटा पावर प्लांट की योजना निरस्त करना और परियोजना के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित कर कॉर्पोरेट कंपनियों को देने का विरोध शामिल है। इसके अलावा कल्पना मिश्रा के मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने मजिस्ट्रेट जांच कराने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई।
स्थापना दिवस के जश्न के बीच सरकार पर साधा निशाना
मंच ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अघोषित बिजली कटौती, बिजली की बढ़ती दरों और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं जैसी समस्याओं से आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय स्थापना दिवस के आयोजनों में व्यस्त है। इधर, बघेलखंड विंध्य आदर्श समाज संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा अंबेडकर पार्क में धरना दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मंच ने चेतावनी दी है कि गिरफ्तार पदाधिकारियों की जल्द रिहाई और मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। मंच ने इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है।







