मुख्यमंत्री डॉ. यादव नौरादेही में चीता ‘व्योम’ और ‘नीरा’ छोड़े, बुंदेलखंड बना प्रदेश का तीसरा चीता ठिकाना

जबलपुर , यश भारत। मध्यप्रदेश में वन्य जीव संरक्षण की दिशा में बुधवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के रहली में वन्य प्राणी सप्ताह के समापन समारोह के दौरान नौरादेही स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को सुरक्षित बाड़े (सॉफ्ट रिलीज बोमा) में विमुक्त किया। नर चीते का नाम ‘व्योम’ और मादा का नाम ‘नीरा’ है। इसके साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद नौरादेही प्रदेश का तीसरा चीता केंद्र बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव हमारे वनों के आभूषण हैं और उनका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश की धरती वन्य जीवों के लिए अनुकूल है। नौरादेही में अब पर्यटकों को एक ही टाइगर रिजर्व में चीते और बाघ दोनों विचरण करते नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि अगले महीने दो और चीतों को यहां लाया जाएगा। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कूनो से शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट अब विस्तार ले रहा है। सरकार का उद्देश्य वन्य जीवों और मानव के बीच सहअस्तित्व कायम करते हुए प्रदेश को वन पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन्य जीवों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जलचर, थलचर व नभचर सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण पर काम किया जा रहा है।
समारोह में वन समितियों को 20 करोड़ रुपये का लाभांश भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौरादेही क्षेत्र में पर्यटन से जुड़ी समितियों को आय का लाभ मिल रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से बफर जोन में होमस्टे शुरू कर स्वरोजगार अपनाने की अपील की। सरकार होमस्टे के लिए 2 से 3 लाख रुपये तक अनुदान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर दूध संकलन समितियां बनाई जा रही हैं, जिससे किसानों और पशुपालकों को दूध से नियमित आय मिल सके। कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक गोपाल भार्गव, सांसद राहुल सिंह सहित जनप्रतिनिधि और वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने ‘गिद्ध संख्या आंकलन 2026’ पुस्तक, पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन भी किया।







