देश

बुलडोजर पेरेंटिंग: बच्चों की रुचि छीनने से डगमगा रहा आत्मविश्वास

बुलडोजर पेरेंटिंग: बच्चों की रुचि छीनने से डगमगा रहा आत्मविश्वास

​बच्चों पर थोपी जा रही महत्वाकांक्षाएं: 

भोपाल,यशभारत। आजकल कई माता-पिता अनजाने में अपने बच्चों पर अपनी अधूरी महत्वाकांक्षाएं थोप रहे हैं। पढ़ाई, करियर और एक्स्ट्रा एक्टिविटीज़ में बच्चों की पसंद-नापसंद को नज़रअंदाज़ कर उन्हें अपने हिसाब से ढालने की कोशिश की जा रही है, जिसे “बुलडोजर पेरेंटिंग” नाम दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तरीका बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।
​जब बच्चे अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर पाते तो वे या तो चुप हो जाते हैं, या गुस्से और ज़िद के रूप में अपना विरोध दिखाते हैं। उनकी रुचि को छीनने और हर बात के लिए उन पर दबाव डालने से उनका आत्मविश्वास डगमगा रहा है। काउंसलिंग सेंटर्स में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहाँ बच्चे तनाव, एंग्जायटी और आत्मविश्वास की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
​पेरेंटिंग कोच रितु कपूर का कहना है कि बुलडोजर पेरेंटिंग के कारण बच्चे या तो विद्रोही बन जाते हैं, या फिर टूटकर अपना आत्मविश्वास खो देते हैं। उनका मानना है कि माता-पिता को बच्चों पर दबाव बनाने की बजाय उन्हें आज़ादी देनी चाहिए। यह बच्चों के संपूर्ण विकास और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button