रिश्वतखोर आरक्षक और ड्राइवर गिरफ्तार: किराएदार विवाद सुलझाने के नाम पर मांगे थे 50 हजार

रिश्वतखोर आरक्षक और ड्राइवर गिरफ्तार: किराएदार विवाद सुलझाने के नाम पर मांगे थे 50 हजार
भोपाल, यशभारत। राजधानी के कोहेफिजा थाने में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए थाने के आरक्षक यशपाल तोमर और एक एफआरवी चालक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला एक मकान मालिक और किराएदार के बीच चल रहे आपसी विवाद से जुड़ा है। कोहेफिजा थाने में पदस्थ आरक्षक यशपाल तोमर ने इस विवाद में किराएदार का पक्ष लेने और मामला रफा-दफा करने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग की थी। आरक्षक के लगातार दबाव से परेशान होकर पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत सीधे भोपाल पुलिस कमिश्नर से की।
एसीपी ने बिछाया जाल
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। योजनाबद्ध तरीके से टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरक्षक यशपाल तोमर और एफआरवी चालक ने रिश्वत की राशि हाथ में ली, टीम ने उन्हें दबोच लिया।
कड़ी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने आरोपी आरक्षक को हिरासत में ले लिया है, वहीं आरोपी ड्राइवर को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी भी जांच के घेरे में
इस घटना के बाद कोहेफिजा थाने की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना प्रभारी केजी शुक्ला की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।







