भोपाल

कटारा हिल्स की बर्राई सडक़ बनी मुसीबत

कटारा हिल्स की बर्राई सडक़ बनी मुसीबत
– वार्ड 85 के लोग परेशान, नहीं हो रहा समस्या का समाधान  
भोपाल यशभारत। राजधानी भोपाल के वार्ड नंबर 85 अंतर्गत आने वाली कटारा हिल्स से बर्राई को जोडऩे वाली सडक़ लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। हर दिन सैकड़ों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन सडक़ पर गड्ढे इतने बढ़ चुके हैं कि आवागमन किसी चुनौती से कम नहीं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या की शिकायत कई बार दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। बरसात बीतने के बाद भी सडक़ के गड्ढे जैसे-के-तैसे बने हुए हैं। जगह-जगह जमा पानी और उखड़ा हुआ डामर सडक़ को पूरी तरह खतरनाक बना रहा है। कटारा हिल्स से बर्राई की ओर जाने वाले वाहनों को एक-एक गड्ढा बचाते हुए चलना पड़ता है। शाम के समय स्ट्रीट लाइटें भी कई हिस्सों में न चलने से राहगीरों व दोपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहता है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह समस्या एक-दो महीने पुरानी नहीं, बल्कि लगभग दो वर्ष से लगातार बनी हुई है। कई बार निगम अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन जवाब में सिर्फ “कार्य योजना बन रही है । कहकर बात टाल दी जाती है। लोगों के मुताबिक पाइप लाइन फूटने से भी पानी मार्ग पर जमा हो रहा है।

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भोपाल की अन्य मुख्य सडक़ों का भी खराब हाल
– कटारा हिल्स बर्राई मार्ग ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों में भी स्थिति कमोबेश वैसी ही है।
– अवधपुरी, चूना भट्टी मार्ग में बड़े गड्ढों की वजह से आए दिन जाम लगता है।
– लालघाटी तक के हिस्से में डामर उखड़ चुका है, जिससे भारी वाहन फंसने की नौबत आ जाती है।
– खजूरी कला से मिसरोद होते हुए मार्ग पर बारिश के बाद बड़े-बड़े खड्डे बन गए हैं, जो रात में दिखाई भी नहीं देते।
– अरेरा कॉलोनी, नयापुरा, और चुनाभट्टी के कई अंदरूनी मार्गों में पैचवर्क तो हुआ, लेकिन दो हफ्ते में फिर वही हालत लौट आई।
जनप्रतिनिधियों और निगम के खिलाफ बढ़ रहा रोष
कटारा हिल्स इलाके के रहवासियों ने बताया कि सडक़ की खराब स्थिति से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन फिसलने के मामले भी सामने आए हैं। वहीं, एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी देरी का सामना करना पड़ता है। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि कर तो समय से लिया जाता है, लेकिन सुविधाएं मिल नहीं रहीं। इस ओर जनप्रतिनिधियों का भी ध्यान नहीं जा रहा है।

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