पहले जवाब दो, फिर मीटर लगाओ’; महावितरण की मनमानी के खिलाफ नागरिकों का विरोध, सुरेश कुलकर्णी ने अधिकारियों को सुनाई खरी-खरी

नवी मुंबई | महावितरण के स्मार्ट मीटर को लेकर तुर्भे में अब नागरिकों का विरोध खुलकर सामने आ गया है। तुर्भे स्टोर के शिवसेना शाखा में आयोजित बैठक में नागरिकों ने स्मार्ट मीटर को लेकर अपनी नाराजगी और शंकाएं व्यक्त कीं। बैठक में शिवसेना उपजिला प्रमुख तथा नगरसेवक सुरेश कुलकर्णी ने महावितरण के अधिकारियों के सामने साफ शब्दों में अपना विरोध दर्ज कराया।
नागरिकों का सवाल सीधा हैकी जब स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं, तो बिना विश्वास में लिए घर-घर मीटर लगाने की जल्दबाजी क्यों?बैठक में सुरेशजी कुलकर्णी ने महावितरण के अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि तुर्भे के किसी भी सामान्य नागरिक के घर में जबरन स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाना चाहिए। पहले नागरिकों को स्मार्ट मीटर की पूरी जानकारी दी जाए, उनके सवालों का जवाब दिया जाए और उनकी शंकाओं का समाधान किया जाए।स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, बिजली बिल पर उसका असर, रीडिंग और ग्राहकों को होने वाले संभावित फायदे-नुकसान जैसे मुद्दों पर महावितरण के अधिकारियों को नागरिकों के सामने आकर जवाब देने की मांग की गई।

‘जवाब दो, फिर मीटर लगाओ!’
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि जब तक नागरिकों की शंकाओं का समाधान नहीं होता, तब तक तुर्भे विभाग में किसी भी घर में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव या जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए।इस अवसर पर नगरसेविका सविताताई लगाडे, पूर्व नगरसेविका संगीता वास्के, मुद्रिका गवळी सहित बड़ी संख्या में नागरिक, शिवसैनिक, युवासैनिक तथा महिला आघाड़ी की पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।तुर्भेकरों की भूमिका साफ है—बिजली ग्राहक के घर में कोई भी बदलाव करने से पहले ग्राहक को विश्वास में लेना होगा। सवालों के जवाब देने होंगे। वरना विरोध का सामना करना पड़ेगा।








