सीहोर-इछावर हाईवे पर ट्रक से टकराई एंबुलेंस के उड़े परखच्चे, केबिन काटकर निकाला गया ड्राइवर

सीहोर-इछावर हाईवे पर ट्रक से टकराई एंबुलेंस के उड़े परखच्चे, केबिन काटकर निकाला गया ड्राइवर
सूचना के एक घंटे बाद तक नहीं पहुंची दूसरी एंबुलेंस; ग्रामीणों में भारी आक्रोश
भोपाल, यशभारत। राजधानी से लगे सीहोर-इछावर स्टेट हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहाँ दो पुलिया जोड़ के पास एक तेज रफ्तार एंबुलेंस और ट्रक के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक केबिन के भीतर ही फंसकर रह गया। घंटों तड़पने के बाद ग्रामीणों ने साहस दिखाया और केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने की कड़ी मशक्कत
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि एंबुलेंस चालक लहूलुहान हालत में अंदर फंसा हुआ था और दर्द से कराह रहा था। ग्रामीणों ने मिलकर लोहे के केबिन को काटकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, विडंबना यह रही कि घायल चालक को अस्पताल ले जाने के लिए जब दूसरी एंबुलेंस को फोन किया गया, तो वह एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। इस देरी के कारण मौके पर मौजूद लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई।
सायरन के गलत इस्तेमाल का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों ने एंबुलेंस चालकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि अक्सर एंबुलेंस चालक बिना किसी आपात स्थिति या बिना मरीज के भी हाईवे पर सायरन बजाते हुए अंधाधुंध गति से वाहन चलाते हैं। कई बार इन सरकारी वाहनों का उपयोग निजी कार्यों के लिए भी किया जाता है। ग्रामीणों का तर्क है कि इसी लापरवाही और ‘सायरन कल्चर’ के गलत इस्तेमाल की वजह से अक्सर हादसे होते हैं और वास्तविक मरीजों को समय पर मदद नहीं मिल पाती।
रेहटी की थी एंबुलेंस, चालक की हालत गंभीर
जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त 108 एंबुलेंस रेहटी स्वास्थ्य केंद्र की थी। बताया जा रहा है कि वह एक गर्भवती महिला को सीहोर अस्पताल छोड़कर वापस लौट रही थी। हादसे के वक्त वाहन में केवल चालक ही मौजूद था। घायल चालक को गंभीर हालत में इछावर से प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस कर रही है जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद इछावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बाधित यातायात को सुचारू कराया। थाना प्रभारी पंकज वाडेकर ने बताया कि शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हादसे के समय सायरन का बेवजह इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।







