एम्स लिफ्ट लूटकांड का पर्दाफाश: कर्ज उतारने के लिए राजस्थान का युवक बना झपटमार

एम्स लिफ्ट लूटकांड का पर्दाफाश: कर्ज उतारने के लिए राजस्थान का युवक बना झपटमार
पुलिस ने लुटेरे और खरीदार दोनों को दबोचा
भोपाल, यशभारत। राजधानी के अति-सुरक्षित माने जाने वाले एम्स अस्पताल के भीतर महिला अटेंडेंट से हुई लूट की वारदात को बागसेवनिया पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि लूटा गया मंगलसूत्र खरीदने वाले सुनार को भी हिरासत में लेकर मशरूका बरामद कर लिया है। पकड़ा गया मुख्य आरोपी राजस्थान का रहने वाला है, जिसने उधारी चुकाने के लिए वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना 25 जनवरी की है, जब एम्स में अटेंडेंट के तौर पर काम करने वाली महिला ब्लड बैंक के पास लिफ्ट नंबर 12 से प्रथम तल पर जा रही थी। लिफ्ट में पहले से मौजूद नकाबपोश बदमाश ने गेट खुलते ही झपट्टा मारा और महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र तोड़कर सीढ़ियों के रास्ते रफूचक्कर हो गया। अस्पताल परिसर जैसी व्यस्त जगह पर हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान एम्स परिसर और बाहर जाने वाले रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। हुलिए के आधार पर आरोपी का वीडियो सोशल मीडिया और पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सर्कुलेट किया। जिसके बाद घेराबंदी कर आरोपी सुनील मीणा (25) निवासी बारां, राजस्थान को कटारा हिल्स के पास लहारपुर से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी सुनील ने बताया कि उस पर दोस्तों का काफी कर्ज हो गया था, जिसे चुकाने के दबाव में उसने लूट की योजना बनाई। उसने लूटा हुआ मंगलसूत्र मंडीदीप के जयश्री अपार्टमेंट निवासी पुष्पराज सोनी को बेच दिया था। पुलिस ने पुष्पराज के पास से मंगलसूत्र जब्त कर उसे भी मामले में सह-आरोपी बनाया है।







