भोपालमध्य प्रदेश

अमेरिका से विशेष प्रशिक्षण लेकर लौटे एम्स भोपाल के डॉक्टर, फेफड़ा प्रत्यारोपण सेवाओं को मिलेगी नई दिशा

अमेरिका से विशेष प्रशिक्षण लेकर लौटे एम्स भोपाल के डॉक्टर, फेफड़ा प्रत्यारोपण सेवाओं को मिलेगी नई दिशा

भोपाल यश भारत। फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के उपचार और भविष्य में फेफड़ा प्रत्यारोपण लंग ट्रांसप्लांट सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एम्स भोपाल को महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। संस्थान के कार्डियो थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विक्रम वट्टी ने अमेरिका के प्रतिष्ठित वेंडर बिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में फेफड़ा प्रत्यारोपण संबंधी विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। यह उन्नत प्रशिक्षण वेंडरबिल्ट लंग ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के सर्जिकल निदेशक एवं थोरेसिक सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. कोनराड होएट्सेनेकर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। डॉ. होएट्सेनेकर को फेफड़ा प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी विशेषज्ञों में गिना जाता है। उनके निर्देशन में डॉ. वट्टी ने इस जटिल चिकित्सा प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. वट्टी ने फेफड़ा प्रत्यारोपण से संबंधित अत्याधुनिक तकनीकों अंग प्राप्ति ऑर्गन रिट्रीवल रोगियों के चयन एवं मूल्यांकन, जटिल शल्य प्रक्रियाओं बहु विषयक चिकित्सा टीम के समन्वय तथा प्रत्यारोपण के बाद रोगियों की देखभाल और निगरानी की उन्नत प्रणालियों का विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा पद्धतियों और नवीनतम तकनीकों को नजदीक से समझने का अवसर भी मिला। एम्स भोपाल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि फेफड़ों की गंभीर और अंतिम अवस्था की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए लंग ट्रांसप्लांट जीवनरक्षक विकल्प साबित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. वट्टी द्वारा प्राप्त यह अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण भविष्य में संस्थान में लंग ट्रांसप्लांट कार्यक्रम विकसित करने और मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। संस्थान के चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रशिक्षण से एम्स भोपाल की क्लीनिकल विशेषज्ञता और अनुसंधान क्षमता दोनों को मजबूती मिलेगी। साथ ही मध्यप्रदेश और आसपास के राज्यों के गंभीर फेफड़ा रोगियों को भविष्य में बेहतर एवं उन्नत उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। एम्स भोपाल ने इसे संस्थान की चिकित्सा उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।क्या है लंग ट्रांसप्लांट लंग ट्रांसप्लांट एक जटिल शल्य प्रक्रिया है जिसमें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त या कार्यक्षमता खो चुके फेफड़ों को दानदाता के स्वस्थ फेफड़ों से प्रतिस्थापित किया जाता है। यह प्रक्रिया फेफड़ों की अंतिम अवस्था की बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए जीवन बचाने वाली साबित हो सकती है।

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