मध्यप्रदेश पुलिस में डेढ़ साल बाद फिर शुरू होगी कार्यवाहक पदोन्नति प्रक्रिया, पीएचक्यू ने जारी किए निर्देश

मध्यप्रदेश पुलिस में डेढ़ साल बाद फिर शुरू होगी कार्यवाहक पदोन्नति प्रक्रिया, पीएचक्यू ने जारी किए निर्देश
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हजारों पुलिसकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। विभाग में पिछले करीब डेढ़ साल से ठप पड़ी कार्यवाहक पदोन्नति की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा ने इस संबंध में सभी इकाइयों और जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर रिक्त पदों पर कार्यवाहक प्रभार देने की कार्रवाई शुरू करने को कहा है।
इन पदों पर मिलेगी पदोन्नति
पीएचक्यू द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक, एएसआई से उप निरीक्षक और उप निरीक्षक से निरीक्षक के पदों पर कार्यवाहक प्रमोशन दिए जाएंगे। यह प्रक्रिया जिलों और इकाइयों में उपलब्ध रिक्त पदों और पुलिसकर्मियों की वरिष्ठता के आधार पर पूरी की जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश और प्रशासनिक आवश्यकता
माना जा रहा है कि यह फैसला जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित मामलों और विभाग की आंतरिक समीक्षा के बाद लिया गया है। मैदानी स्तर पर अधिकारियों की कमी के कारण कानून व्यवस्था और अपराधों की विवेचना जैसे कार्यों में आ रही चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे न केवल पुलिस व्यवस्था में प्रशासनिक कामकाज सुचारु होगा, बल्कि रिक्त पदों का प्रभाव भी कम किया जा सकेगा।
नियमित और कार्यवाहक पदोन्नति में अंतर
कार्यवाहक पदोन्नति के अंतर्गत कर्मचारियों को अस्थायी रूप से उच्च पद की वर्दी और जिम्मेदारियां दी जाती हैं। उन्हें उस पद के अधिकार तो प्राप्त होते हैं, लेकिन इसे नियमित पदोन्नति नहीं माना जाता। नियमित प्रमोशन की प्रक्रिया विभागीय नियमों और औपचारिकताओं के पूर्ण होने के बाद ही प्रभावी होती है।







