जेल में खुली हवा का नया ठिकाना,अपराधी अब परिवार संग कमाएंगे रोटी

जेल में खुली हवा का नया ठिकाना,अपराधी अब परिवार संग कमाएंगे रोटी
जबलपुर की नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में ‘खुली जेल’ का एक अनूठा कॉन्सेप्ट शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य बंदियों को समाज की मुख्यधारा में फिर से जोड़ना है। यह पहल देश की कई केंद्रीय जेलों में लागू की जा रही है। जेलर मदन कमलेश ने बताया कि खुली जेल में लगभग 2 बीएचके के आवास होते हैं,

कौन बन सकता है खुली जेल का हिस्सा?
खुली जेल के लिए उन्हीं बंदियों का चयन होता है जिनकी 10 साल की सजा पूरी हो चुकी होती है और जिनका आचरण उत्कृष्ट होता है। इसके लिए एक विस्तृत चयन प्रक्रिया अपनाई जाती है। बंदी को एक फॉर्म भरना होता है, जिसमें परिवार के सदस्यों (माता-पिता या बच्चे) की सहमति अनिवार्य होती है। जेल प्रशासन संबंधित थानेदारों और जिले से संपर्क कर बंदी के पिछले रिकॉर्ड की पूरी जांच-पड़ताल करता है। पूरी तरह से पात्र पाए जाने पर ही बंदी का प्रस्ताव जेल अधीक्षक के पास भेजा जाता है और मंजूरी मिलने के बाद उन्हें परिवार के साथ खुली जेल में शिफ्ट कर दिया जाता है।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम
खुली जेल में शिफ्ट होते ही बंदी का जेल खर्च समाप्त हो जाता है। शुरुआती एक महीने का राशन जेल द्वारा निःशुल्क दिया जाता है, जिसके बाद बंदी स्वयं अपना भरण-पोषण करते हैं। जेल प्रशासन बंदियों को व्यवसाय या रोजगार ढूंढने में भी मदद करता है। वर्तमान में, जबलपुर की खुली जेल में नौ बंदी हैं, जो विभिन्न व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। इनमें कुछ सब्जी का ठेला लगाते हैं, कुछ फोटोकॉपी की दुकान चलाते हैं, कुछ मैकेनिक का काम करते हैं, और कुछ सोने-चांदी की मरम्मत का काम करते हैं। राजमिस्त्री का काम जानने वाले बंदियों को उसी क्षेत्र में काम मिला है।

खुली जेल के नियम और सुरक्षा
खुली जेल में बंदियों के साथ कोई प्रहरी या आरक्षक नहीं रहता है। वे सुबह सूर्योदय के बाद बाहर जाते हैं और सूर्यास्त से पहले वापस आ जाते हैं। यह सुविधा आमतौर पर उन बंदियों को दी जाती है जिनकी सजा में लगभग तीन से चार साल बचे होते हैं। यदि कोई बंदी नियमों का उल्लंघन करता है, जैसे बाहर लड़ाई-झगड़ा करता है या किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल होता है, तो जांच के बाद सही पाए जाने पर उनकी खुली जेल की सुविधा समाप्त कर दी जाती है और उन्हें वापस बंद जेल में भेज दिया जाता है।







