भोपालमध्य प्रदेश

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की नई पहल अब कॉलेजों की गुणवत्ता पर होगी सख्त निगरानी सत्र 2026 27 से हर सुविधा का होगा भौतिक सत्यापन, 16 पन्नों का विस्तृत निरीक्षण फॉर्म लागू

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की नई पहल अब कॉलेजों की गुणवत्ता पर होगी सख्त निगरानी

सत्र 2026 27 से हर सुविधा का होगा भौतिक सत्यापन, 16 पन्नों का विस्तृत निरीक्षण फॉर्म लागू

  • भोपाल यश भारत । बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कागजी दावों की हकीकत परखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब कॉलेजों को केवल फाइलों में बेहतर सुविधाएं दिखाकर मान्यता हासिल करना आसान नहीं होगा क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र 2026 27 के लिए नई निरीक्षण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत बीयू की कार्यपरिषद ने निरीक्षण के लिए नए प्रपत्र ए और बी को मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत कॉलेजों को अपनी सभी सुविधाओं का विस्तृत विवरण देना होगा जिसमें क्लासरूम का क्षेत्रफल, लाइब्रेरी में पुस्तकों की संख्या, लैब उपकरणों की उपलब्धता सहित हर पहलू शामिल रहेगा। इसके लिए 16 पन्नों का विस्तृत फॉर्म तैयार किया गया है जिसे संबंधित कॉलेज के प्राचार्य द्वारा प्रमाणित करना अनिवार्य होगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब हर जानकारी का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यानी कॉलेज जो कागजों में बताएंगे उन्हें मौके पर दिखाना भी जरूरी होगा।निरीक्षण के दौरान इन बिंदुओं पर खास फोकस , निरीक्षण टीम क्लासरूम की वास्तविक स्थिति और छात्रों के लिए उपलब्ध स्थान की जांच करेगी। साइंस और कंप्यूटर लैब में उपकरणों की कार्यशीलता और स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया जाएगा। लाइब्रेरी में नई किताबों और रिसर्च जर्नल की उपलब्धता के साथ पुराने स्टॉक का भी भौतिक सत्यापन होगा। इसके अलावा कैंपस में साफ पेयजल, अलग अलग शौचालय, फायर सेफ्टी सिस्टम, दिव्यांगजनों के लिए रैंप जैसी सुविधाओं की भी अनिवार्य जांच होगी। शिक्षकों की योग्यता और उनके वेतन भुगतान से जुड़े बैंक रिकॉर्ड भी समिति द्वारा परखे जाएंगे। छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ , इस नई व्यवस्था से सबसे बड़ा फायदा छात्रों को मिलने की उम्मीद है। कागजों पर चलने वाले कॉलेजों पर लगाम लगेगी और वास्तविक स्तर पर सुविधाएं बेहतर होंगी। कॉलेजों को हर साल ऑडिट और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ा पूरा डेटा देना होगा जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। नई गाइडलाइन के अनुसार खेल मैदान और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह होना भी मान्यता के लिए जरूरी होगा जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और सह पाठ्यक्रम वा वातावरण मिल सकेगा। गलत जानकारी पर सख्ती , विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान सभी दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। गलत जानकारी देने या सुविधाओं में कमी पाए जाने पर कॉलेज की मान्यता पर संकट आ सकता है। साथ ही संस्थानों को अपनी आय व्यय का पूरा बजट भी साझा करना होगा ताकि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

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