स्पाइनल कॉर्ड इंजरी पर जागरूकता, इच्छाशक्ति से नई जिंदगी का संदेश

स्पाइनल कॉर्ड इंजरी पर जागरूकता, इच्छाशक्ति से नई जिंदगी का संदेश
भोपाल, यश भारत। एम्स भोपाल के भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग ने विश्व स्पाइनल कॉर्ड इंजरी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में रीढ़ की हड्डी की चोट से बचाव, समय पर उपचार और पुनर्वास के महत्व पर जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेंद्र कोतवाल ने पुनर्वास चिकित्सा की बढ़ती जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि नियमित पुनर्वास और मजबूत इच्छाशक्ति से जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने लकवाग्रस्त होने के बाद भी स्वर्ण पदक जीतने वाले व्यक्ति का प्रेरक उदाहरण साझा किया। डॉ. विठ्ठल प्रकाश पुरी ने स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के कारणों और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से उठाकर अस्पताल पहुंचाने की जरूरत बताई, ताकि रीढ़ की चोट को और गंभीर होने से रोका जा सके।







