फर्जी सिम मामले में फरार आरोपी इंदौर से गिरफ्तार साइबर ठगी से जुड़े मामले में पुलिस को मिली सफलता देश के विभिन्न राज्यों में फैला फर्जी सिम नेटवर्क का जाल

कटनी, यशभारत। फर्जी सिम कार्ड के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घटना दिनांक से फरार चल रहे आरोपी नवीन माखीजा को इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी को माधवनगर थाना लाकर विधिवत गिरफ्तारी की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। माधवनगर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से संदिग्ध पीओएस धारकों, एजेंटों और फर्जी सिम उपयोगकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश प्राप्त हुए थे। इसके बाद एसपी द्वारा जिला साइबर टीम को जांच एवं कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। जांच के दौरान जिले में पीओएस एजेंट के माध्यम से फर्जी सिम जारी किए जाने तथा इन सिम कार्डों का देश के विभिन्न राज्यों में सामने आए साइबर ठगी के मामलों से संबंध होने की जानकारी मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए माधवनगर पुलिस और जिला साइबर टीम ने जांच तेज की।
पहले आकाश गुप्ता की हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार इस मामले में पहले आरोपी आकाश गुप्ता को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई थी। जांच के दौरान उसके विरुद्ध माधवनगर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान दूरसंचार अधिनियम 2023 की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ एवं विवेचना के दौरान एक अन्य व्यक्ति को भी फर्जी सिम उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस फर्जी आरोपी नवीन माखीजा की तलाश में जुटी थी।
सूचना पर टीम पहुंची इंदौर, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को सूत्रों से जानकारी मिली कि मामले में फरार आरोपी नवीन माखीजा पिता स्वर्गीय अवतराम माखीजा निवासी रघुनाथगंज वार्ड घंटाघर में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद पुलिस टीम गठित कर इंदौर रवाना की गई। टीम ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर थाना माधवनगर पहुंचायाए जहां उसकी विधिवत गिरफ्तारी की गई। पुलिस के अनुसार मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी आकाश गुप्ता वर्तमान में जिला जेल कटनी में निरुद्ध है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव, उप निरीक्षक योगेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक अजीत बागरी, प्रधान आरक्षक आशीष श्रीवास, आरक्षक मयंक सिंह, आरक्षक मणी सिंह तथा जिला साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






