कन्हैया की उंगली पर फिर सजेगा गिरिराज: सजेगा ब्रज धाम, 101 फीट लंबा और 11 फीट ऊंचा विशाल गोवर्धन पर्वत

सागर, यशभारत l सागर शहर में इस वर्ष गोवर्धन पूजा का आयोजन ऐतिहासिक और अलौकिक होने जा रहा है। नगर निगम और पशुपालन संघ के संयुक्त तत्वावधान में हफसिली स्थित डेयरी विस्थापन परियोजना स्थल पर बेहद भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। आयोजन का मुख्य आकर्षण गोबर और मिट्टी से निर्मित 101 फीट लंबा तथा 11 फीट ऊंचा विशालकाय गोवर्धन पर्वत होगा। सागर के इतिहास में पहली बार इतने विशाल आकार के गोवर्धन पर्वत का निर्माण कराया जा रहा है।
आयोजन स्थल पर विशाल गोवर्धन पर्वत के साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पर्वत उठाए हुए भव्य प्रतिमा और गौमाता की आकर्षक झांकी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा पूरे परिसर को आकर्षक रंगों और रोशनी से सजाया जा रहा है।
कार्यक्रम को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने बुधवार को हफसिली आयोजन स्थल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्थल की साफ-सफाई, गोवर्धन पर्वत निर्माण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पर्वत निर्माण के लिए स्थल पर माप कराकर चूने से मार्किंग भी कराई गई।
9 नवंबर को आयोजित होने वाले इस भव्य मेले में बुंदेलखंड की समृद्ध लोक संस्कृति के रंग बिखरेंगे। कार्यक्रम में मोनिया नृत्य, दिवाली नृत्य और ग्वाल नृत्य जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही ढोल, ताशे और नगड़िया की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आएंगे।
आयोजन में सामूहिक 56 भोग अन्नकूट प्रसादी की व्यवस्था की गई है। इसमें स्थानीय नागरिक और पशुपालक अपने-अपने घरों से विभिन्न प्रकार के पकवान लाकर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाएंगे। इस अवसर पर पशुपालक अपनी गायों को सुंदर रंगों और आभूषणों से सजाकर लाएंगे तथा सामूहिक गौपूजन करेंगे।
स्वच्छता और शहर के विकास का संदेश
“इस भव्य आयोजन के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छता, सुंदरता और शहर के समग्र विकास के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।”
— राजकुमार खत्री, निगमायुक्त, सागर







