भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका में लहराया परचम, रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर रचा इतिहास , फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा तक पहुंचीं पिया

भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका में लहराया परचम, रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर रचा इतिहास
फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा तक पहुंचीं पिया
भोपाल यश भारत/वॉशिंगटन। अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं ने एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट उम्मीदवार पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से शानदार जीत हासिल कर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में अपनी जगह बना ली है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और कारोबारी केसी असकर को शिकस्त देकर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।039 वर्षीय पिया डांडिया को चुनाव में 51.9 प्रतिशत वोट मिले। इस जीत के साथ ही वह प्रमिला जयपाल के बाद अमेरिकी संसद के लिए निर्वाचित होने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं। उनकी सफलता को अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता के रूप में देखा जा रहा है।
जयपुर से अमेरिका तक का सफर
पिया डांडिया का पारिवारिक जुड़ाव राजस्थान की राजधानी जयपुर से है। उनके माता-पिता जयपुर से अमेरिका पहुंचे थे। भारतीय मूल और अमेरिकी परिवेश में पली-बढ़ी पिया ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय पहचान बनाई है। वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षित हैं और व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। राजनीति में आने से पहले वह हाई स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं।
महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य रहे चुनावी मुद्दे
चुनाव प्रचार के दौरान पिया डांडिया ने आम अमेरिकी नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। महंगाई पर नियंत्रण बेहतर शिक्षा व्यवस्था, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और गन सेफ्टी उनके चुनावी एजेंडे के मुख्य विषय रहे। उन्होंने इन मुद्दों के जरिए मतदाताओं का भरोसा जीतने की कोशिश की, जिसका परिणाम उन्हें शानदार जीत के रूप में मिला। पिया की यह कामयाबी केवल एक चुनावी जीत नहीं बल्कि भारतीय मूल के समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि ने यह साबित किया है कि मेहनत शिक्षा और मजबूत नेतृत्व के दम पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी नई पहचान बनाई जा सकती है।







