तीन करोड़ रूपए की धोखाधड़ी मामले में क्राइम ब्रांच की एंट्री, श्रीजी कंपनी की शिकायत पर राजीव गांधी वार्ड निवासी विकास पाठक गिरफ्तार, अपने खाते में रूपए ट्रांसफर करने का मामला

कटनी, यशभारत। श्रीजी कंपनी में 3 करोड़ रूपए की वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच भोपाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजीव गांधी वार्ड गौतम बंधवा निवासी विकास पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में उनकी पत्नी को राहत देते हुए नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को कटनी पहुंची भोपाल क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विकास पाठक को हिरासत में लेकर प्राथमिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल ले गई, जहाँ उससे पूछताछ की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार श्रीजी कंपनी के प्रबंधक नागेंद्र सिंह द्वारा भोपाल में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विकास पाठक और उनकी पत्नी ने मिलकर लगभग 3 करोड़ की वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। 2 करोड़ विकास पाठक के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए जबकि 1 करोड़ रूपए विकास पाठक की पत्नी के खाते में भेजे गए। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच भोपाल ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और धारा 409 के तहत मामला दर्ज किया था। पूछताछ के दौरान विकास पाठक की पत्नी के गर्भवती होने की बात सामने आने पर पुलिस ने मानवीय और कानूनी आधार पर फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की है। क्राइम ब्रांच ने उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच आगे की वित्तीय कडिय़ों को जोडऩे और गबन की गई राशि की रिकवरी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।
क्या है पूरा मामला
श्रीजी इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर हिमांशु कलरैया ने विश्वविद्यालय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि अप्रैल 2018 से अगस्त 2025 के बीच आरोपी अतुल पाठक ने कंपनी के डायरेक्टर संजय सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर अतिरिक्त चेकबुक जारी करवाई। इसके बाद आरोपी ने अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में फर्जी ट्रांजैक्शन कर करीब 6 करोड़ 9 लाख रुपए का गबन किया। धोखाधड़ी के इस मामले में क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। इस बड़े फर्जीवाड़े में कंपनी से जुड़े 5 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अतुल पाठक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ के बाद इसी जांच के दायरे में राजीव गांधी वार्ड कटनी निवासी विकास पाठक का नाम सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।







