“हर बार मिला सिर्फ ‘कल’, अब नहीं उठूंगा”: बेटी की मौत कांड में न्याय के इंतजार में पथराईं पिता की आंखें

रीवा । गांधी स्मृति चिकित्सालय में कथित चिकित्सकीय लापरवाही से हुई कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मृत्यु के मामले में पीड़ित परिवार न्याय के लिए अब भी भटकने को मजबूर है। मजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के दो महीने बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट न मिलने से क्षुब्ध होकर मृतका के पिता राम शिरोमणि मिश्रा कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
मामले के अनुसार, 26 अगस्त को अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही के चलते कल्पना मिश्रा और उनके बच्चे की जान चली गई थी। इसके विरोध में परिजनों और जनसंगठनों ने अस्पताल परिसर में 15 दिनों तक उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। उस दौरान जिला प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने और 15 से 25 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का लिखित आश्वासन दिया था।कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे राम शिरोमणि मिश्रा ने बताया कि जांच अधिकारी (एसडीएम) द्वारा जांच प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट जमा कराई जा चुकी है। इसके बावजूद कलेक्ट्रेट कार्यालय से उन्हें रिपोर्ट की प्रति नहीं दी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, “मैं 65 किलोमीटर दूर गांव से लगातार चक्कर काट रहा हूँ। हर बार केवल ‘कल आ जाना’ कहकर टाल दिया जाता है और अब अधिकारी फोन भी नहीं उठाते।”पीड़ित पिता ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें मजिस्ट्रियल जांच की अधिकृत प्रति नहीं मिल जाती, वे कलेक्ट्रेट परिसर से नहीं हटेंगे। उन्होंने शासन-प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को अविलंब न्याय दिलाने की मांग की है।







