Top-5देशमुख्य ख़बरें

बाइनेंस में 50 हजार करोड़ की क्रिप्टो चोरी का दावा, निकासी पर लगाई रोक

नई दिल्ली एजेंसी। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस में कथित साइबर सेंधमारी ने वैश्विक क्रिप्टो बाजार में हलचल मचा दी है। क्रिप्टो एक्सपर्ट्स और एनालिटिक्स फर्मों ने इस घटना में 5 अरब डॉलर से अधिक यानी करीब 50 हजार करोड़ रुपए की डिजिटल करेंसी चोरी होने का अनुमान जताया है। यदि यह आंकड़ा सही साबित होता है तो इसे क्रिप्टोकरेंसी के इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग माना जा सकता है। घटना सामने आने के बाद बाइनेंस ने एहतियातन डिपॉजिट और विड्रॉल पर अस्थायी रोक लगा दी है। वहीं, बिटकॉइन समेत दूसरी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हैकर्स ने बाइनेंस के सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाकर उसके सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बनाई। आशंका है कि कंपनी के एक डेवलपर इंजीनियर का लैपटॉप हैक होने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया। इसके जरिए हैकर्स ने सर्विस कंटेनर तक पहुंच बनाई और अनधिकृत निकासी के आदेश जारी किए। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी यूजर की प्राइवेट की लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं।

तीन कंपनियों ने फ्रीज किए 5.4 अरब डॉलर के एसेट्स

क्रिप्टो एनालिटिक्स फर्म ग्लासनोड ने करीब 5.3 अरब डॉलर और चेनालिसिस ने 5.9 अरब डॉलर की चोरी का अनुमान जताया है। बाइनेंस ने अभी तक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कंपनी ने अपने स्तर पर करीब 3 अरब डॉलर के डिजिटल एसेट्स फ्रीज किए हैं। वहीं, स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियों टेदर ने 1.6 अरब डॉलर और सर्कल ने 800 मिलियन डॉलर के एसेट्स ब्लॉक किए हैं। इस तरह कुल करीब 5.4 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति फ्रीज किए जाने का दावा किया गया है। बाइनेंस ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि जांच में यदि उनके खातों से किसी तरह के नुकसान की पुष्टि होती है तो उसकी भरपाई की जाएगी। कंपनी की सुरक्षा टीमें अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। पूर्व सीईओ चांगपेंग झाओ ने भी सोशल मीडिया पर इसे हैकिंग जैसी घटना बताया है।

बायबिट की हैकिंग का रिकॉर्ड पीछे छूटने का दावा

क्रिप्टो बाजार में इससे पहले वर्ष 2025 में दुबई स्थित एक्सचेंज बायबिट से करीब 1.5 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की घटना सामने आई थी। इसके अलावा 2022 में रोनिन नेटवर्क से 625 मिलियन डॉलर की डिजिटल संपत्ति चोरी हुई थी। बाइनेंस मामले में लगाए जा रहे अनुमान सही साबित होते हैं तो यह पिछली बड़ी घटनाओं से कहीं अधिक नुकसान वाला मामला होगा। इस घटनाक्रम का असर क्रिप्टो बाजार पर भी दिखाई दिया। बिटकॉइन की कीमत में करीब 5 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई, जबकि एथेरियम और सोलाना जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी दबाव में रहीं। निवेशकों में एक्सचेंजों की सुरक्षा और डिजिटल संपत्ति की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button