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भोपाल के वीआईपी रोड पर आरजीपीवी बस हादसा: लापरवाही की हद, 20-25 छात्रों से भरी बस पलटी; तीन गंभीर

भोपाल के वीआईपी रोड पर आरजीपीवी बस हादसा: लापरवाही की हद, 20-25 छात्रों से भरी बस पलटी; तीन गंभीर

भोपाल, यशभारत। राजधानी के वीआईपी रोड पर मंगलवार सुबह हुए आरजीपीवी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बस हादसे में एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। हादसे में घायल हुए छात्रों ने खुलासा किया है कि बस तय समय से करीब आधे घंटे लेट थी। इसी देरी की भरपाई के लिए चालक बस को अत्यधिक तेज और लापरवाह गति से चला रहा था।

छात्रों के मुताबिक, बस जब वीआईपी रोड पर थी, तभी उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि उन्हें किसी अनहोनी का अंदेशा हो गया था। खतरे को भांपते हुए एक छात्र ने दुर्घटना से ठीक दो मिनट पहले अपने एक परिचित को मोबाइल पर मैसेज कर बस चालक की खतरनाक ड्राइविंग और लापरवाही की जानकारी दी थी। इसके महज दो मिनट बाद ही राजा भोज प्रतिमा और करबला के बीच मोड़ पर बस का अगला टायर डिवाइडर पर चढ़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे लोहे के खंभे से जा भिड़ा। गनीमत यह रही कि खंभे ने सपोर्ट का काम किया, वरना बड़ा बस पलटने से एक बड़ा हादसा हो सकता था।

सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों का सफर बना जोखिम भरा
यह बस सुबह 12 नंबर इलाके से आरजीपीवी के विद्यार्थियों को लेकर कॉलेज परिसर जा रही थी। हादसे के वक्त वाहन में छात्र-छात्राओं के अलावा तीन स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे। बस की तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही के चलते कुल 10 से 11 लोग घायल हो गए। इनमें बसंत नामक छात्र के दाहिने हाथ में गंभीर फ्रैक्चर आया है, जबकि खुशी नामक छात्रा की आंख के ऊपर गहरी चोट आई है। सभी घायलों को तुरंत हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आलोक शर्मा ने भी स्वीकार किया है कि अधिकांश बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन एक छात्र की हालत को देखते हुए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

प्रबंधन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
समय पर कॉलेज पहुंचने की होड़ और चालकों की मनमानी किस तरह छात्रों की जान को जोखिम में डाल रही है, यह इस घटना ने उजागर कर दिया है। सुमित का वह मैसेज इस बात का पुख्ता सबूत है कि हादसे को टाला जा सकता था यदि समय रहते लापरवाही पर रोक लगाई जाती। बहरहाल, कोहेफिजा थाना पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चालक की लापरवाही की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग की मदद से ऐसे लापरवाह चालकों और ट्रांसपोर्ट संचालकों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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