पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रेंजर और वनरक्षक से मारपीट करने वाले आरोपियों पर कसा शिकंजा, ट्रैक्टर जप्त

सागर, यशभारत l वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने की नीयत से ट्रैक्टर चला रहे असमाजिक तत्वों को रोकना वन अधिकारियों को भारी पड़ गया। मना करने पर आरोपियों ने वन विभाग की टीम के साथ मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। इस मामले में कार्रवाई करते हुए थाना शाहगढ़ पुलिस ने त्वरित कदम उठाकर घटना में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही वारदात में प्रयुक्त ट्रैक्टर भी जप्त कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को ग्राम निवाही स्थित बीट बट्टवाहा (कक्ष क्रमांक आरएफ-477) में वन भूमि ‘छोटा बंधा’ के पास कुछ लोगों द्वारा ट्रैक्टर से जुताई कर कब्जा करने की सूचना मिली थी। इस पर डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी, वनरक्षक नारायण सिंह और अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
जब वन अधिकारियों ने जुताई करने से रोका, तो आरोपी हरिराम यादव, अमित यादव और हरेन्द्र यादव (सभी निवासी ग्राम निवाही) ने वन टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी और शासकीय कार्य में बाधा डाली। इस हमले में डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी और वनरक्षक नारायण सिंह को चोटें आईं। वनरक्षक की शिकायत पर शाहगढ़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया व नरेन्द्र सोलंकी के निर्देशन तथा एसडीओपी बंडा रोहित लखारे के मार्गदर्शन में शाहगढ़ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 15 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से जुताई में इस्तेमाल ट्रैक्टर भी जप्त किया गया। न्यायालय में पेशी के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया है।
इस प्रभावी कार्रवाई में थाना प्रभारी शाहगढ़ उप निरीक्षक संदीप खरे, उप निरीक्षक गणपत सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजेश खरे, प्रधान आरक्षक अमित, जानकी, जय, हरिराम, संतोष राय एवं आरक्षक दिनेश, लखन, रवि, आर्यन व सुनील का विशेष योगदान रहा।
पुलिस का संदेश:
शासकीय कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, सरकारी काम में बाधा डालने या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।







