नवागत आईपीएस आने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों में बदलाव
शहर से ग्रामीण क्षेत्र और यातायात से अपराध शाखा तक बदली व्यवस्था

जबलपुर,यश भारत। जिले में नवागत आईपीएस अधिकारी आने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अधिकारियों में कार्यभार का विभाजन हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़, पल्लवी शुक्ला, मनीष भारद्वाज, अनु बेनीवाल, अंजना तिवारी, जितेंद्र सिंह और यातायात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश तिवारी के कार्यक्षेत्र में अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। प्रभार के बंटवारे में किस अधिकारी को क्या जिम्मेदारी दी है और उसका काम अब कितना महत्वपूर्ण है यह पूरी जानकारी हम आपको दे रहे हैं
आयुष जाखड़ के पास शहर की जिम्मेदारी, कई महत्वपूर्ण काम भी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़ को नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) स्तर पर कोतवाली, ओमती, गोरखपुर और मदनमहल क्षेत्र से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश के अनुसार, उनके कार्यक्षेत्र में कोतवाली और लार्डगंज, ओमती, बेलबाग, सिविल लाइन, गोरखपुर, घमापुर, मदनमहल और विजय नगर से संबंधित थानों का पर्यवेक्षण शामिल है। इसके अतिरिक्त उन्हें कानून एवं शांति व्यवस्था, जिला विशेष शाखा, कंट्रोल रूम तथा डायल-112 सीसीटीवी और प्रोटोकॉल लायजनिंग से जुड़े कार्य भी सौंपे गए हैं। आयुष जाखड़ जबलपुर आने के बाद से ही नगर पुलिस अधीक्षक का प्रभार संभाल रहे हैं। शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग के लिहाज से उनकी भूमिका अहम बनी हुई है।
पल्लवी शुक्ला को मिले ज्यों के त्यों वही प्रभार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला को जोन-02 के अंतर्गत गोरखपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में गोरखपुर और ग्वारीघाट थानों के पर्यवेक्षण का उल्लेख है। इसके अलावा उन्हें गढ़ा क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार, तिलवारा सहित संबंधित थानों की निगरानी और अजाक से जुड़े दायित्व भी सौंपे गए हैं। साथ ही वेलफेयर से संबंधित काम की जिम्मेदारी भी उनके पास है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि पल्लवी शुक्ला के कार्यक्षेत्र में गोरखपुर और उससे जुड़े थानों की जिम्मेदारी प्रमुख रूप से दिखाई देती है। वहीं, अन्य अधिकारियों को थानों की निगरानी के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध, यातायात और विभिन्न विभागीय शाखाओं के अतिरिक्त दायित्व भी दिए गए हैं। उपलब्ध आदेश के आधार पर इसे सीधे तौर पर साइडलाइन करने का निर्णय कहना उचित नहीं होगा, लेकिन जिम्मेदारियों के तुलनात्मक बंटवारे में यह पहलू चर्चा का विषय जरूर बन सकता है।
मनीष भारद्वाज के पास बरगी से रांझी तक की जिम्मेदारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज को जोन-03 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अंतर्गत बरगी, रांझी और कैंट क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षकों से जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं।
आदेश के अनुसार, बरगी क्षेत्र में भेड़ाघाट और चरगवां, रांझी क्षेत्र में खमरिया तथा कैंट क्षेत्र में गोराबाजार और कैंट थानों का पर्यवेक्षण संबंधित अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा अधारताल क्षेत्र की जिम्मेदारी भी निर्धारित व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारी को सौंपी गई है। मनीष भारद्वाज के कार्यक्षेत्र में कानून-व्यवस्था के साथ थानों की निगरानी की अहम भूमिका है। उनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और अलग-अलग थानों की प्रकृति को देखते हुए समन्वय भी महत्वपूर्ण रहेगा।
अनु बेनीवाल के पास ग्रामीण पुलिसिंग और महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को ग्रामीण जोन-04 की जिम्मेदारी दी गई है। उनके कार्यक्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों के थानों की निगरानी के साथ महिला सुरक्षा और अन्य विभागीय कार्य भी शामिल हैं। आदेश में सिहोरा, मझौली, मंगेली, गोसलपुर और खितौला से संबंधित थानों के पर्यवेक्षण का उल्लेख है। इसके अलावा पाटन क्षेत्र में पाटन, कटंगी और शहपुरा-बेलखेड़ा थानों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बरैला और कुंडम थानों की निगरानी भी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से होगी। महिला सुरक्षा शाखा, लाइन और अन्य निर्धारित विभागीय दायित्वों के साथ अनु बेनीवाल की भूमिका ग्रामीण पुलिसिंग तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और थानों के बीच समन्वय उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में रहेगा।
अंजना तिवारी के पास शिकायत से लेकर चुनाव सेल तक के काम
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी को मुख्यालय, जोन-05 की जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के अनुसार, उनके पास शिकायत शाखा, सीएम हेल्पलाइन शाखा, आलंबन शाखा, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज अपराधों से संबंधित जिला स्तरीय कार्य, चुनाव सेल और विधानसभा सेल जैसे महत्वपूर्ण विभागीय दायित्व हैं। इसके अतिरिक्त उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय और प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं।
मुख्यालय की इन शाखाओं में शिकायतों के निराकरण, विभागीय समन्वय और प्रशासनिक कामकाज की अहम भूमिका रहती है।
जितेंद्र सिंह के पास अपराध शाखा का महत्वपूर्ण प्रभार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह को अपराध शाखा, जोन-06 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अंतर्गत अपराध-1 और अपराध-2 से संबंधित कार्यों के लिए अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। इसके अलावा साइबर, संपत्ति संबंधी अपराध, अपराध शाखा, एनडीपीएस से जुड़े प्रकरण, चिह्नित प्रकरण, आर्म्स एक्ट से संबंधित अपराध, डीसीबी और नारकोटिक्स से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए भी विभागीय जिम्मेदारियां तय की गई हैं। अपराध शाखा का यह कार्यक्षेत्र गंभीर अपराधों की जांच, अपराधियों की पहचान और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
यातायात विभाग में भी अलग-अलग जिम्मेदारियां
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश तिवारी को यातायात, जोन-07 की जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में यातायात के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए उप पुलिस अधीक्षकों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। मालवीय चौक, गढ़ा और घमापुर यातायात क्षेत्रों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को दायित्व सौंपे गए हैं। इसके अलावा सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य कार्यों की जिम्मेदारी भी यातायात विभाग के अंतर्गत रखी गई है। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और प्रमुख चौराहों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आदेश के बाद विभागीय व्यवस्था पर नजर
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी संशोधन आदेश में अधिकारियों के कार्यक्षेत्र और अतिरिक्त विभागीय दायित्वों का निर्धारण किया गया है। आदेश के अंत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को समय-समय पर सौंपे जाने वाले अन्य कार्यों का निष्पादन भी निर्देशानुसार किया जाएगा। इस नई व्यवस्था में जहां कुछ अधिकारियों को थानों की निगरानी के साथ कई विभागीय शाखाओं की जिम्मेदारी मिली है, वहीं कुछ अधिकारियों का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से निर्धारित जोन और थानों के पर्यवेक्षण पर केंद्रित दिखाई देता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदारियों के इस बंटवारे से पुलिसिंग और विभागीय कामकाज में कितना बदलाव आता है और क्या भविष्य में अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फिर कोई संशोधन किया जाता है।







