बरगी हादसे के बाद कड़े सुरक्षा मानकों के साथ फिर शुरू हुआ भेड़ाघाट में नौकायन
पंचवटी से बंदर कूदनी के बीच 22 नावों का संचालन शुरू, 300 नई लाइफ जैकेट संग सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

यश भारत, जबलपुर।
संस्कारधानी जबलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियों में पंचवटी से बंदर कूदनी के बीच पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक बार फिर नौकायन (बोटिंग) की शुरुआत हो रही है। पिछले दिनों बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज़ हादसे के बाद जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा सख्ती दिखाते हुए पूरे जिले समेत प्रदेशभर में जल पर्यटन और नौकायन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी। हादसे के बाद सुरक्षा मानकों की नए सिरे से समीक्षा की गई और कई दिनों तक बंद रहने के बाद अब सभी सुरक्षा इंतज़ामों को दुरुस्त कर विश्व प्रसिद्ध मार्बल रॉक्स के बीच नौका विहार पुनः प्रारंभ किया जा रहा है।
सख्त सुरक्षा नियम: बिना लाइफ जैकेट एंट्री पर पूरी तरह बैन
बरगी हादसे से सबक लेते हुए नगर परिषद एवं प्रशासन ने इस बार सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य कर दिया है। 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले नर्मदा उत्सव तथा आगामी पंचकोसी यात्रा और नर्मदा परिक्रमा के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं व पर्यटकों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी के अनुसार, नावों के संचालन के दौरान अब किसी भी व्यक्ति को बिना लाइफ जैकेट पहने नाव में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
300 नई लाइफ जैकेट और गोताखोरों की तैनाती
पर्यटकों व श्रद्धालुओं की जीवन सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 300 नई लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं, वहीं पुरानी लाइफ जैकेटों की भी बारीकी से रिपेयरिंग और जाँच कराई गई है। इसके साथ ही कुल 22 स्वीकृत नावों के माध्यम से पंचवटी से बंदर कूदनी के बीच संगमरमरी चट्टानों के मध्य नौकायन संचालित किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नौकाओं में और पंचवटी तट पर कुशल गोताखोरों की विशेष टीम की भी तैनाती रहेगी।
नगर परिषद और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी जरूरी दिशानिर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए ही बोटिंग कराई जाएगी।






