धान-गेहूं घोटाले में जबलपुर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 20 हजार क्विंटल अनाज गायब करने वाला वेयरहाउस संचालक 4 महीने के लिए जिला बदर

जबलपुर। समर्थन मूल्य पर होने वाली धान और गेहूं की सरकारी खरीदी में धोखाधड़ी और मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बड़े पैमाने पर खाद्यान्न की अफरा-तफरी करने वाले वेयरहाउस संचालक नीतेश पटेल को मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 4 महीने के लिए जबलपुर जिले की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) कर दिया है।
एसपी की रिपोर्ट के आधार पर की गई इस सख्त कार्रवाई के तहत आरोपी को अगले 48 घंटे के भीतर जबलपुर समेत आसपास के 8 पड़ोस जिलों की सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन गंभीर मामलों में फंसा है आरोपी
ग्राम खबरा (मझौली) निवासी 30 वर्षीय नीतेश पटेल पर वर्ष 2024 और 2025 के दौरान किसानों के हक पर डाका डालने और सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के तीन संगीन मामले दर्ज हैं:
* 20,000 क्विंटल धान गायब: सिहोरा स्थित योगमाया वेयरहाउस के भौतिक सत्यापन में स्टॉक से करीब 20 हजार क्विंटल धान गायब पाई गई थी।
* 1.39 करोड़ की अफरा-तफरी: माँ रेवा वेयरहाउस में समिति प्रबंधकों के साथ सांठ-गांठ कर 6,068 क्विंटल धान (कीमत करीब ₹1.39 करोड़) की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है।
* गेहूं में मिट्टी-कंकड़ की मिलावट: सरकारी खरीदी में खपाने के मकसद से गेहूं में मिट्टी और कंकड़ मिलाकर अमानक खाद्यान्न तैयार करने का अपराध भी मझौली थाने में दर्ज किया गया था।
किसानों के गुस्से और आगामी उपार्जन को देखते हुए लिया फैसला
सरकारी उपार्जन में हुए इस भारी फर्जीवाड़े के कारण क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा था। इसके विरोध में आक्रोशित किसानों ने मझौली और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर रैलियां और धरना-प्रदर्शन किए थे, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी थी।
प्रशासन के अनुसार, आगामी खरीदी सत्र को देखते हुए आरोपी का जिले में रहना निष्पक्ष प्रक्रिया और शांति व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
इन जिलों की सीमाओं में प्रवेश पर रहेगा बैन
निष्कासन अवधि के दौरान नीतेश पटेल जबलपुर के साथ-साथ पड़ोसी जिलों मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, दमोह और उमरिया में बिना सक्षम न्यायालय या अधिकारी की पूर्व अनुमति के प्रवेश नहीं कर सकेगा।







