अब पाकिस्तान के मोबाइल नंबर से साइबर ठगी, रातोंरात लखपति बनने का सपना दिखाकर महिला को फंसाया, 1 लाख 60 हजार रूपए करवाए ट्रांसफर

कटनी, यशभारत। जिले से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बॉर्डर पार पाकिस्तान के एक नंबर का इस्तेमाल कर ठगों ने एक ग्रामीण महिला को रातोंरात लखपति बनने का सपना दिखाया और टैक्स वसूली के नाम पर उससे 1 लाख 60 हजार रूपए की ठगी कर ली। पीडि़त महिला ने एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। जानकारी के मुताबिक बरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उबरा निवासी ममता बाई कोल के मोबाइल पर कुछ दिन पहले पाकिस्तान के ़92 नंबर वाले कोड से वॉट्सऐप कॉल और मैसेज आने शुरू हुए। फोन करने वाले अज्ञात साइबर ठग ने खुद को सीमा पार का बताते हुए दावा किया कि ममता बाई के नाम पर 4 लाख डॉलर भारतीय मुद्रा में करीब 3.30 करोड़ रुपये का इनाम फंड स्वीकृत हुआ है। ठग ने महिला को पूरी तरह अपने जाल में फंसा लिया और रकम भारत में पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया व टैक्स भुगतान का बहाना बनाया। महिला ठगों की बातों में आ गई। ठगों ने महिला को भरोसे में लेकर धीरे धीरे पैसे मंगवाने शुरू किए। फरियादी महिला के अनुसार उनसे फर्जी ऑनलाइन क्यूआर कोड भेजकर 10-20 हजार रुपये की अलग-अलग किस्तों में 1 लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब महिला से और पैसों की मांग की जाने लगी, तब परिजनों को ठगी का अहसास हुआ। ठगी का शिकार होने के बाद ममता बाई अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी डूबी हुई रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है। मामले को लेकर विजयराघवगढ़ एसडीओपी वीरेंद्र धुर्वे ने बताया कि महिला जनसुनवाई के दौरान शिकायत लेकर आई थी। उसने साक्ष्य के तौर पर 92 से शुरू होने वाले नंबर का स्क्रीनशॉट दिखाया है, जो प्रथम दृष्टया पाकिस्तान का नंबर प्रतीत होता है। हालांकि एसडीओपी ने बताया कि जांच में एक तकनीकी अड़चन आ रही है। महिला ने ठगों के साथ हुई बातचीत और वॉट्सऐप चैट डिलीट कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चैट डिलीट होने के कारण मामले में तुरंत किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल साइबर सेल के जरिए साक्ष्य जुटाने और वैधानिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के बाद ही औपचारिक एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






