थोक दवा दुकानों में रेड : एबॉर्शन किट और एंटीबायोटिक दवाओं के मांगे रिकॉर्ड

सागर, यशभारत । जिले में प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश तथा नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन (भोपाल) के मार्गदर्शन में औषधि प्रशासन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के थोक औषधि प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. देवेश पटेरिया तथा सिटी मजिस्ट्रेट श्री शैलेश द्विवेदी के नेतृत्व में की गई। जांच दल में औषधि निरीक्षक सोनम जैन एवं औषधि निरीक्षक मनीष सुमन शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने बच्चन मेडिकल स्टोर की जांच की। यहाँ उपलब्ध औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेखों और स्टॉक रजिस्टरों की गहनता से पड़ताल की गई। टीम ने प्रतिष्ठान संचालक को एबॉर्शन किट (गर्भपात की दवाएं), ट्रेमाडोल टैबलेट्स, एटिजोलम तथा अन्य एनआरएक्स (NRX) श्रेणी की संवेदनशील औषधियों के खरीद-बिक्री के पूरे दस्तावेज और रिपोर्ट तत्काल कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बिना लाइसेंस दवा बिक्री पर सख्त हिदायत
इसी क्रम में टीम ने आजाद मेडिकल स्टोर पर भी दबिश दी। यहाँ विशेष रूप से एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की गई और संचालक को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालक को कड़े शब्दों में ताकीद की कि किसी भी परिस्थिति में बिना वैध लाइसेंसधारी व्यक्ति या बिना पंजीकृत डॉक्टरों को दवाओं का विक्रय न किया जाए।
इन्होंने कहा…
“कलेक्टर के निर्देश पर थोक दवा विक्रेताओं के अभिलेखों की जांच की जा रही है। संबंधित प्रतिष्ठानों को अपने क्रय-विक्रय के दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। दस्तावेजों के परीक्षण और सत्यापन के बाद यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
डॉ. देवेश पटेरिया, सीएमएचओ, सागर







