वर्ग-3 के चयनित शिक्षकों का बोर्ड ऑफिस पर चक्का जाम, नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन

वर्ग-3 के चयनित शिक्षकों का बोर्ड ऑफिस पर चक्का जाम, नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन
लगातार तीसरे दिन जारी रहा आंदोलन, तपती धूप में दिनभर धरना, रात खुले आसमान के नीचे गुजार रहे अभ्यर्थी
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती वर्ग-3 में मेरिट होल्डर के रूप में चयनित सैकड़ों शिक्षक अभ्यर्थी नियुक्ति और जॉइनिंग की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन बोर्ड ऑफिस चौराहे पर डटे रहे। दिनभर तपती धूप में प्रदर्शन करने के बाद अभ्यर्थियों को रात खुले में जमीन पर गुजारनी पड़ रही है। प्रदर्शन स्थल पर कई अभ्यर्थियों के साथ बच्चे भी मौजूद हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि किसी बच्चे या अभ्यर्थी के साथ कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
नियुक्ति प्रक्रिया लंबित, आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। उनका दावा है कि 16 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह से मुलाकात कर लंबित प्रकरणों से अवगत कराया था। उस दौरान जल्द निराकरण का आश्वासन मिलने की बात अभ्यर्थियों ने कही, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं होने से नाराजगी बढ़ रही है।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के अनुसार उनकी प्रमुख मांगों में
25 अगस्त 2025 से संबंधित लंबित प्रकरणों का निराकरण।
मेरिट होल्डर के रूप में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और जॉइनिंग शुरू करना।
आवेदन क्रमांक 49 में दर्ज प्रावधानों का पालन।
लंबित विभागीय एवं दस्तावेजी प्रक्रिया को जल्द पूरा करना।
खुले में रात गुजारने को मजबूर अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शासन प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन स्थल पर डटे रहने के कारण कई अभ्यर्थियों को खुले में ही रात गुजारनी पड़ रही है। प्रदर्शन स्थल पर बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी अभ्यर्थियों ने चिंता जताई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं अब सवाल यह भी उठ रहा है कि पूर्व में आश्वासन दिए जाने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद बच्चों व अभ्यर्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा ।







