बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत से लेकर जहरीली शराब और दूषित पानी से हुई मौतों तक , शाह से पूछे 6 सवाल, पटवारी

बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत से लेकर जहरीली शराब और दूषित पानी से हुई मौतों तक
हर मामले में जवाबदेही तय करे सरकार, शाह से पूछे 6 सवाल, पटवारी
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर प्रशासनिक व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं आदिवासी कल्याण और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत छिंदवाड़ा में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत सागर में संदिग्ध जहरीली शराब और इंदौर में दूषित पेयजल से जुड़ी घटनाओं में सरकार को पारदर्शी जांच कर जवाबदेही तय करनी चाहिए। पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बालाघाट दौरा पीड़ित आदिवासी परिवारों की समस्याएं समझने का प्रयास था। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य पोषण शिक्षा और रोजगार की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा तथा आदिवासी विकास के लिए आवंटित राशि के उपयोग का मदवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। बालाघाट में राहुल गांधी के दौरे के दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की अनुपस्थिति पर पटवारी ने प्रशासनिक समन्वय और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। पटवारी ने सरकार के भीतर मुख्यमंत्री मंत्रियों और अधिकारियों के बीच कथित संवादहीनता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने विभिन्न मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए प्रशासनिक निर्णयों और अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की मांग की। प्रदेश के बढ़ते कर्ज पर पटवारी ने कुल ऋण नए कर्ज ब्याज भुगतान और ऋण की राशि के उपयोग का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की। उन्होंने सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर सहित अन्य खर्चों में भी पारदर्शिता की मांग की।
अमित शाह से छह सवाल
पटवारी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे के संदर्भ में पूछा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच संवादहीनता क्यों है? छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत की जवाबदेही किसकी है? सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है? आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर सरकार क्या जवाब देगी? इंदौर में दूषित पेयजल की घटना में जिम्मेदारी कैसे तय होगी? प्रदेश के बढ़ते कर्ज और सरकारी खर्च का पूरा हिसाब जनता को कब मिलेगा?
पटवारी ने कहा कि जनता को आरोप प्रत्यारोप नहीं, जवाबदेह शासन चाहिए। जहां जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन प्रमाणित हो वहां जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।







