भोपालमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश

एसबीआई के सामने सड़क पर पार्किंग, बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था जिम्मेदार विभागों के कर्मचारियों पर कार्रवाई कब?

एसबीआई के सामने सड़क पर पार्किंग, बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था

जिम्मेदार विभागों के कर्मचारियों पर कार्रवाई कब?

भोपाल यश भारत। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल इन दिनों अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग की समस्या से जूझ रही है। एमपी नगर से जिंसी होते हुए आयकर भवन और एसबीआई बैंक सहित कई बड़े सरकारी कार्यालयों के आसपास सड़क किनारे दिनभर वाहनों की कतार लगी रहती है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि कई बार ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ जाती है। खास बात यह है कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सरकारी और निजी कार्यालय संचालित होते हैं। कर्मचारियों के लिए पार्किंग की व्यवस्थाएं होने के बावजूद कई वाहन कार्यालयों से लगी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़े किए जा रहे हैं। सुबह कार्यालय शुरू होने से लेकर शाम तक सड़क किनारे खड़े इन वाहनों के कारण सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर सवाल यह भी उठ रहा है कि जब आम लोगों के खिलाफ अतिक्रमण और अवैध पार्किंग को लेकर कार्रवाई की जाती है, तो सरकारी कार्यालयों के आसपास लंबे समय तक सड़क पर खड़े रहने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं होती?

भोपाल में नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस द्वारा अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था को लेकर समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। लोगों को सड़क  फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करने के लिए जागरूक भी किया जाता है। इसके बावजूद सरकारी दफ्तरों चौक-चौराहों और फुटपाथों के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या बनी हुई है। एसबीआई सहित बड़े संस्थानों के आसपास सड़क पर खड़े वाहनों को लेकर भी अब कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है। सवाल यह है कि यदि सड़क आम जनता के आवागमन के लिए है, तो क्या सरकारी या बड़े संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नियम अलग होने चाहिए? आम जनता का सवाल सीधा है जब अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चल रहा है  तो सरकारी कार्यालयों के बाहर सड़क घेरकर खड़े वाहनों पर कार्रवाई कौन करेगा? प्रशासन को इस मामले में समान रूप से नियम लागू करने और यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि सड़क और सार्वजनिक स्थान किसी भी व्यक्ति या संस्था की निजी पार्किंग के लिए नहीं हैं। आगे अपडेट किया जा रहा है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button