वन भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश नाकाम
सूचना पर पहुंचा वन अमला; डीएफओ ने समझाइश देकर रुकवाया काम

वन भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश नाकाम
पिपरिया बीट में वन भूमि की सफाई कर रही थीं महिलाएं
सूचना पर पहुंचा वन अमला; डीएफओ ने समझाइश देकर रुकवाया काम
कटनी, यशभारत। बड़वारा वन परिक्षेत्र के पिपरिया बीट में वन भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश को वन विभाग ने समय रहते रोक दिया। ग्राम पिपरिया की करीब 60-70 महिलाएं वन भूमि की सफाई कर रही थीं। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और सफाई का काम रुकवाया।
मौके पर डीएफओ गर्वित गंगवार और बड़वारा रेंज अधिकारी दशमत सिंह ने वन अमले के साथ ग्रामीणों से चर्चा की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत वन अधिकार के लिए 13 दिसंबर 2005 से पहले से वन भूमि पर काबिज होना आवश्यक है। यह अधिनियम की निर्धारित कटऑफ तिथि है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सामुदायिक अधिकारों के तहत वन भूमि पर बसने अथवा खेती करने का अधिकार नहीं मिलता।
बहकावे में आने से किया आगाह
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसे किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं, जो नई वन भूमि साफ कराकर खेती या बसाहट के लिए जमीन दिलाने का दावा करता हो। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के दावों के चलते ग्रामीण कानूनी कार्रवाई में फंस सकते हैं।
समझाइश के बाद ग्रामीणों ने भविष्य में वन भूमि पर अतिक्रमण अथवा कटाई-सफाई नहीं करने का आश्वासन दिया। वन विभाग ने वन संपदा की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में निगरानी और गश्त जारी रखने की बात कही है।







