बुरहानपुर शुगर मिल के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का आरोप, हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस समेत अधिकारियों को नोटिस

जबलपुर, यश भारत । बुरहानपुर की ईश्वर सहकारी शक्कर एवं कृषि उद्योग मर्यादित से जुड़े कथित वित्तीय फर्जीवाड़े का मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस सहित शासन के गृह सचिव, प्रमुख सचिव उद्योग विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। महू निवासी धर्मेंद्र शुक्ला ने जनहित याचिका दायर कर शुगर मिल के लिए जमीन खरीदने, प्लांट स्थापित करने और शासन से राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अर्चना चिटनिस के अध्यक्ष रहते ग्राम टाकलखेड़ा में शुगर मिल के लिए जमीन खरीदी गई थी।
याचिका के मुताबिक, विश्रामपुर में शुगर मिल प्लांट स्थापित किए जाने की बात कही गई थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती से इसका उद्घाटन भी कराया गया था। हालांकि, याचिकाकर्ता का दावा है कि आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों और मौके पर की गई जांच में वहां शुगर मिल का कोई प्लांट नहीं मिला।याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्लांट नहीं होने के बावजूद करोड़ों रुपये की बैलेंस शीट तैयार कर उसका ऑडिट कराया गया। जमीन की रजिस्ट्रियों और उनसे जुड़ी राजस्व कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
जवाब से स्पष्ट होगी स्थिति
हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब शासन और अन्य पक्षों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब के बाद याचिका में लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल अदालत ने आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।







