मनी ट्रेल मामले की जांच ईडी को सौंपने की तैयारी, प्रवर्तन निदेशालय के साथ ही जीएसटी से भी किया जा रहा पत्राचार, कटनी कम्प्यूटर्स के संचालक विजय भैरवानी से रिमांड में पूछताछ

कटनी, यशभारत। ऑनलाइन गेमिंग और क्रिकेट सट्टे से जुड़े करीब 11.94 करोड़ रुपए के मनी ट्रेल की जांच अब आर्थिक जांच एजेंसियों से कराए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पुलिस प्रवर्तन निदेशालय ईडी को पत्राचार किया जा रहा है। जीएसटी से जुड़े संभावित कर अपवंचन की आशंका को देखते हुए संबंधित विभाग को भी जानकारी भेजी जा रही है। विदित हो कि पुलिस की एसआईटी ने कटनी कम्प्यूटर्स के संचालक विजय भैरवानी को गिरफ्तार कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस अबइस बात की जांच कर रही है कि विजय आखिरकार कौन-कौन से क्रिकेट सटोरियों के संपर्क में रहकर वित्तीय लेनदेन करता था। इसके साथ ही हवाला नेटवर्क से आखिर इसका कितना गहरा कनेक्शन था। विजय के भाई दीपक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दीपक सहित उसके पारिवारिक सदस्यों के खातों की जांच करते हुए पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर लेनदेन कैसे और किस लिए किया गया।
जीएसटी रिकॉर्ड से खुलेगा कारोबार का हिसाब
पुलिस को आशंका है कि करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन में यदि किसी वास्तविक सेवा या कारोबार के मुकाबले कम टर्नओवर दिखाया गया हो अथवा लेनदेन को सही तरीके से जीएसटी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया हो तो कर देनदारी और संभावित टैक्स चोरी का पहलू भी सामने आ सकता है। हालांकि यह अभी जांच का विषय है और जीएसटी चोरी की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
दूसरी फर्म से किया जा रहा था भुगतान
जांच में सामने आए वित्तीय लेनदेन का एक अहम पहलू कर्मचारियों के वेतन भुगतान से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि कटनी कम्प्यूटर्स के नाम से करोड़ों रुपए की देनदारी कर्मचारियों के सैलरी भुगतान के रूप में दर्शाई गई लेकिन भुगतान कटनी कॉम नामक फर्म के खाते से किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों फर्मों के बीच वित्तीय संबंध क्या है।







