आरटीओ लेडी इंस्पेक्टर हत्याकांड: दोस्त का खुलासा वारदात से पहले आंगन में हुई थी तेज बहस, बाद में पेड़ से लटका मिला संदिग्ध का शव

आरटीओ लेडी इंस्पेक्टर हत्याकांड: दोस्त का खुलासा वारदात से पहले आंगन में हुई थी तेज बहस, बाद में पेड़ से लटका मिला संदिग्ध का शव
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल के खजूरी थाना क्षेत्र में 21 सितंबर की तड़के हुई आरटीओ लेडी इंस्पेक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। मृतका की दोस्त कृतिका के बयानों ने पुलिस जांच की दिशा तय कर दी है। पुलिस को दिए बयान में कृतिका ने बताया कि वारदात से ठीक पहले मृतका और उसके साथी पवन के बीच घर के आंगन में किसी बात को लेकर तेज आवाज में बात हो रही थी। हालांकि, घर के अंदर दो कूलर चलने की वजह से बाद में कमरे के भीतर हुई बहस या संघर्ष की आवाज बाहर नहीं सुनाई दी।
अलार्म बजने पर खुला हत्या का राज
कृतिका के अनुसार, मीनाक्षी और पवन का सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे इंदौर के लिए निकलना पहले से तय था। सुबह जब अलार्म बजा, तो कृतिका ने मीनाक्षी को फोन मिलाया। कॉल न उठने पर जब वह कमरे में पहुँची, तो वहाँ मीनाक्षी का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। कृतिका ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
संदिग्ध का शव पेड़ से लटका मिला
पुलिस की प्राथमिक जांच और मौके पर पहुंचे दल को उस वक्त एक और बड़ा झटका लगा, जब कॉलोनी के वॉचमैन ने आरोपी/संदिग्ध पवन का शव पास ही के एक पेड़ पर लटका हुआ देखा। इसके बाद वॉचमैन ने भी पुलिस को खबर दी। कृतिका का कहना है कि रात करीब 1:30 बजे के बाद दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ कि यह खौफनाक कदम उठाना पड़ा, यह जांच का मुख्य विषय है।
मिलने के बाद खुश थी मीनाक्षी
दोस्त कृतिका ने यह भी साफ किया कि पवन से मिलने के बाद मीनाक्षी काफी खुश नजर आ रही थी। उसने खुद खाना बनाया था और दोनों ने साथ में खाना खाने के बाद रात में टहलने भी गए थे। इसके बाद कृतिका मीनाक्षी की बेटी को लेकर सोने चली गई थी।
दतिया लौटने से पहले हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मीनाक्षी छिंदवाड़ा से भोपाल आई थी और यहाँ से उसका इंदौर जाने का कार्यक्रम था। वह 14 सितंबर से छुट्टी पर चल रही थी और उसे 17 सितंबर को दतिया में अपनी ड्यूटी पर लौटना था। पुलिस अब 1:30 बजे के बाद के पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़कर विस्तृत जांच में जुटी है।







