ब्रांडेड शराब की बोतलों में संदिग्ध तरल भरकर सप्लाई का खुलासा : डिकॉय ऑपरेशन में डिलीवरी एजेंट गिरफ्तार : पूछताछ के बाद कथित मुख्य आरोपी तक पहुंची टीम; एफएसएल जांच से खुलेगा तरल का राज

सतना यश भारत। शहर में ब्रांडेड विदेशी शराब के नाम पर कथित तौर पर संदिग्ध तरल की सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है। आबकारी विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्राहक बनकर डिकॉय ऑपरेशन चलाया और डिलीवरी करने पहुंचे एक युवक को पकड़ लिया। उसकी पूछताछ और निशानदेही के आधार पर देर रात घूरडांग इलाके में दबिश देकर एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
आबकारी विभाग के अनुसार जब्त बोतल पर ‘मंकी शोल्डर’ ब्रांड का लेबल लगा था, लेकिन उसके भीतर मौजूद तरल की प्रकृति को लेकर संदेह सामने आया। बोतल से लिए गए नमूने को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बोतल में मौजूद तरल वास्तव में क्या था और वह मानव सेवन के योग्य था या नहीं।
प्रारंभिक जांच में आबकारी विभाग को ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित तौर पर शराब की सप्लाई का पूरा संपर्क मोबाइल फोन के जरिए संचालित किया जा रहा था। ग्राहकों से संपर्क कर ऑर्डर लिए जाने के बाद डिलीवरी के लिए एजेंट का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गतिविधि में कितने लोग शामिल थे और अब तक कितनी बोतलों की सप्लाई की गई।
ग्राहक बनकर पहुंची आबकारी टीम
विभाग को मुखबिर से मिली सूचना के बाद आबकारी वृत्त सतना क्रमांक-1 की टीम ने योजना तैयार की। 14 सितंबर की रात सिमरिया चौक स्थित हैदराबादी बिरयानी सेंटर के पास डिलीवरी के लिए संपर्क किया गया। तय स्थान पर सुनील कुशवाहा पहुंचा। आबकारी टीम के मुताबिक वह ब्रांडेड शराब की बोतल लेकर डिलीवरी करने आया था। इसी दौरान सादे कपड़ों में मौजूद उप निरीक्षक संजय साकेत और टीम ने उसे पकड़ लिया।
डिलीवरी एजेंट के पास से मिली बोतल की जांच के दौरान उसके अंदर मौजूद तरल सामान्य ब्रांडेड शराब से अलग दिखाई देने की बात आबकारी विभाग ने कही है। विभाग के मुताबिक तरल में सूक्ष्म कण और तेलीय तत्व नजर आए। हालांकि इन तत्वों की वास्तविक प्रकृति क्या है, इस पर फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। नमूने की एफएसएल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
निशानदेही पर घूरडांग में छापेमारी
पहली गिरफ्तारी के बाद आबकारी टीम ने घूरडांग निवासी जितेन्द्र कुमार साह उर्फ रवि के घर पर देर रात दबिश दी। विभाग के अनुसार पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। अब दोनों से पूछताछ के आधार पर कथित सप्लाई चैन, बोतलों के स्रोत और अन्य संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
आबकारी विभाग ने इस मामले में अपराध क्रमांक 374/26 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) एवं 49(क) के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी आगे की जांच
अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एफएसएल रिपोर्ट है। रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि जब्त बोतल में मौजूद तरल की वास्तविक संरचना क्या थी। इसके साथ ही आबकारी विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बोतलें कहां से हासिल की गईं, उनमें तरल कहां भरा गया और कथित तौर पर इसकी सप्लाई कितने लोगों तक की गई।
कार्रवाई कलेक्टर सतीश कुमार एस, आबकारी उपायुक्त संभागीय उड़नदस्ता रीवा माधव सिंह भेड़िया तथा सहायक आबकारी आयुक्त सतना सुरेन्द्र कुमार उरांव के निर्देशन में की गई। कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक आशीष बारिया के नेतृत्व में उप निरीक्षक निलेश गुप्ता, संजय साकेत, मुख्य आरक्षक राजकरण त्रिपाठी, मंगलदीन कोल, शंकर दयाल प्रजापति, आरक्षक आशुतोष तिवारी, अमृता उरमलिया सहित अन्य स्टाफ शामिल रहा।







