मोदी के सेवा, संकल्प और समर्पण के 25 वर्ष पूरे, 17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान एक माह तक देशभर में होंगे सेवा, विकास और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम

- मोदी के सेवा संकल्प और समर्पण के 25 वर्ष पूरे, 17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
एक माह तक देशभर में होंगे सेवा, विकास और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम
भोपाल यश भारत । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व और समर्पण के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं विकास कार्यों आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों और नागरिकों के जीवन में आए बदलावों को जनभागीदारी के माध्यम से सामने लाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना तथा लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों को सामने लाना है। अभियान के तहत करीब 25 लाख नागरिकों की सफलता और बदलाव की कहानियों को देश के सामने लाने की योजना है।
गगनयान से अंतरिक्ष तक भारत की छलांग
अभियान में भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। गगनयान को भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। मानव रहित उड़ानों के परीक्षणों के जरिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की दिशा में महत्वपूर्ण तैयारी की गई है। यह अभियान भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते आत्मविश्वास को रेखांकित करेगा।
55 करोड़ से अधिक जन धन खाते
गरीब और वंचित वर्ग को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री जन-धन योजना भी अभियान के प्रमुख विषयों में शामिल होगी। योजना के तहत 55 करोड़ से अधिक खाते खोले जाने का आंकड़ा वित्तीय समावेशन के विस्तार को दर्शाता है। अभियान में इस बात को रेखांकित किया जाएगा कि बैंकिंग सेवाओं की पहुंच देश के दूरदराज और गरीब परिवारों तक कैसे बढ़ी।
नहर से 15 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ
कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी विकास कार्यों को अभियान में स्थान दिया जाएगा। 332 किलोमीटर लंबी नहर के निर्माण से करीब 15 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की बात सामने रखी गई है। इससे किसानों को पानी की उपलब्धता बढ़ने और कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मेक इन इंडिया से आत्मनिर्भर भारत तक
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के तहत विनिर्माण निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। मेक इन इंडिया के जरिए देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों को भी अभियान में प्रमुखता दी जाएगी। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में वृद्धि को भी आर्थिक विकास और निवेश के विस्तार से जोड़कर प्रस्तुत किया जाएगा। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में टाटा मोटर्स के 10 लाख से अधिक वाहनों के उत्पादन का उदाहरण भी अभियान में शामिल किया गया है। हालांकि इसे उत्पादन के आंकड़े के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा न कि उत्पादन क्षमता के रूप में।
खेल महाकुंभ में प्रतिभाओं को मिला मंच
युवा और खेल प्रतिभाओं को अवसर देने के लिए गुजरात में आयोजित खेल महाकुंभ को बड़े पैमाने के जन खेल अभियान के रूप में रेखांकित किया जाएगा। इसमें 17.62 लाख से अधिक प्रतिभागियों और 59 हजार से अधिक दिव्यांग प्रतिभागियों की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। अभियान का संदेश होगा कि प्रतिभा को अवसर और बच्चों को अपनी क्षमता दिखाने का मैदान उपलब्ध कराया गया।
अनुच्छेद 370 के बाद संवैधानिक एकीकरण का दावा
अभियान में अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त 2019 को हटाए जाने को भी प्रमुख उपलब्धि के रूप में रखा जाएगा। इसके जरिए जम्मू कश्मीर को भारत की संवैधानिक व्यवस्था में पूर्ण रूप से एकीकृत करने के सरकार के दावे को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
ज्योति ग्राम योजना से 24 घंटे बिजली
गुजरात की ज्योति ग्राम योजना को ग्रामीण विद्युतीकरण के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। योजना के तहत 1 865 गांवों में 24 घंटे तीन-फेज बिजली आपूर्ति का उल्लेख किया गया है। अभियान में इसे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था में हुए बदलाव के उदाहरण के रूप में शामिल किया जाएगा।
वाइब्रेंट गुजरात से निवेश का मंच
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी। अभियान में इसे गुजरात को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की पहल बताया जाएगा। आयोजकों के अनुसार विभिन्न संस्करणों के माध्यम से 45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा सामने आया है।
वंदे भारत से आधुनिक रेल कनेक्टिविटी
रेल क्षेत्र में वंदे भारत ट्रेनों को स्वदेशी डिजाइन और निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर प्रचारित किया जाएगा। दिसंबर 2025 तक देशभर में 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाओं का उल्लेख किया गया है। इन्हें आधुनिक तेज और बेहतर रेल कनेक्टिविटी के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
डिजिटल व्यवस्था से शिकायतों के समाधान पर जोर
नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। सरकार की केंद्रीय डिजिटल शिकायत समाधान प्रणाली के माध्यम से करीब 99 प्रतिशत शिकायतों के निवारण का दावा किया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन के बीच शिकायत एवं समाधान की प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना बताया गया है।
नई संसद में राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण
नई संसद भवन में स्थापित राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को भी अभियान के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया जाएगा। वर्ष 2022 में अनावरण किए गए इस राष्ट्रीय प्रतीक की ऊंचाई 6.5 मीटर और वजन करीब 9 500 किलोग्राम बताया गया है। इसे देश की विरासत संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव से जोड़कर प्रस्तुत किया जाएगा।
रंगोली से लेकर ड्रोन शो तक होंगे आयोजन
सेवा संकल्प अभियान के दौरान सेवा और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष थीम आधारित रंगोली बनाई जाएगी। ड्रोन एवं हवाई गतिविधियों के माध्यम से भी राज्य और क्षेत्र के प्रमुख स्थलों को आकर्षक रूप देने की योजना है। रंगोली और अन्य कार्यक्रमों की तस्वीरें नमो ऐप पर साझा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। अभियान में पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। वसुंधरा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा संचालित वसुंधरा विशेष विद्यालय सीहोर में माटी के श्री गणेश जैसे कार्यक्रम और स्टॉल भी अभियान का हिस्सा बनाए जाएंगे।
जनभागीदारी बनेगी अभियान का आधार
अभियान का मुख्य संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्र एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से सामने लाना है। आयोजकों का मानना है कि सरकार की योजनाओं से नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों में आए सकारात्मक बदलाव को केवल आंकड़ों के बजाय लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों के जरिए जनता के सामने रखा जाना चाहिए। सेवा संकल्प अभियान के दौरान इन्हीं बदलावों की कहानियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से एकत्र कर व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।







