जबलपुरमध्य प्रदेश

कांच की जगह प्लाईबोर्ड, टूटी लोहे की रॉड… हादसे का इंतजार कर रहा रेलवे!, खिड़कियों से बाहर निकल सकता है पूरा शरीर

रीवा-अंबिकापुर और सिंगरौली ट्रेनों में यात्रियों की जान जोखिम में

जबलपुर यशभारत । रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे के तमाम दावों के बीच ट्रेनों के रखरखाव की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर रेल मंडल के मदन महल स्टेशन से खुलने वाली रीवा, अंबिकापुर और सिंगरौली रूट की ट्रेनों में कुछ खिड़कियों में कांच की जगह प्लाईबोर्ड लगा दिए गए हैं। इतना ही नहीं, खिड़कियों के अंदर लगी सुरक्षा रॉड भी कई जगह टूटी हुई बताई जा रही हैं। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

खिड़की में बड़ा गैप, जरा सी चूक और सीधे बाहर!

ट्रेन की खिड़कियों में सुरक्षा के लिए लगी लोहे की रॉड टूट जाने से खिड़की का हिस्सा असुरक्षित हो गया है। स्थिति यह है कि खिड़की के बड़े गैप से यात्री का शरीर तक बाहर निकल सकता है। यदि ट्रेन तेज रफ्तार में चल रही हो और कोई यात्री अनजाने में खिड़की के पास झुक जाए तो गंभीर हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

कांच टूटा तो लगा दी प्लाई, मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति?

यात्रियों का आरोप है कि खिड़कियों के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थायी मरम्मत कराने के बजाय कांच की जगह प्लाईबोर्ड लगाकर जिम्मेदारी पूरी कर दी गई। सवाल यह है कि रेलवे के पास यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन और तकनीकी अमला होने के बावजूद इस तरह की अस्थायी व्यवस्था क्यों की जा रही है?

अधिकारी बेखबर या किसी बड़े हादसे का इंतजार?

सबसे बड़ा सवाल संबंधित विभाग के अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर है। ट्रेनों की फिटनेस और कोचों के रखरखाव की जांच के बावजूद ऐसी खामियां यात्रियों के सामने आ रही हैं। यदि समय रहते टूटी रॉड और क्षतिग्रस्त खिड़कियों को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी यात्री के साथ गंभीर हादसा होने के बाद ही रेलवे की नींद टूटेगी? यात्रियों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी तीनों ट्रेनों के कोचों का तत्काल निरीक्षण कर टूटी सुरक्षा रॉड, क्षतिग्रस्त खिड़कियों और प्लाईबोर्ड की व्यवस्था को दुरुस्त कराएं, ताकि किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button