फ्लाईओवर की खामियां ठेकेदार की जिम्मेदारी, फिर 4.69 करोड़ का नया टेंडर क्यों ? हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा

फ्लाईओवर की खामियां ठेकेदार की जिम्मेदारी, फिर 4.69 करोड़ का नया टेंडर क्यों ? हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा
भोपाल, यश भारत । हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने बने फ्लाईओवर की गुणवत्ता और उसके रखरखाव को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने वीवायएससी इन्फ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश पर रोक लगाने के साथ ही फ्लाईओवर के रखरखाव के लिए जारी 4.69 करोड़ रुपए के नए टेंडर की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब फ्लाईओवर में सामने आई कमियों को दूर करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है और उसे यह काम बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के करना है, तो सरकार ने इसके लिए अलग से 4.69 करोड़ रुपए का टेंडर क्यों जारी किया।
कोर्ट ने ठेकेदार कंपनी को निरीक्षण में सामने आई कमियों को निर्धारित मापदंड के अनुसार दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई में किए गए सुधार कार्य की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
2020 में शुरू हुआ था निर्माण
वीवायएससी इन्फ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने सितंबर 2020 में हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाईओवर का निर्माण शुरू किया था। वर्ष 2025 में निर्माण कार्य पूरा होने का प्रमाण पत्र जारी किया गया। फ्लाईओवर की रखरखाव और वारंटी अवधि दिसंबर 2029 तक निर्धारित है।
निरीक्षण के अगले दिन नोटिस
याचिकाकर्ता के अनुसार, 30 जुलाई को लोक निर्माण विभाग की टीम ने फ्लाईओवर का निरीक्षण किया था। इस दौरान कुछ कमियां सामने आईं और कंपनी को तीन दिन के भीतर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए। आरोप है कि इसके अगले ही दिन, 1 अगस्त को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के पूर्व निरीक्षण में फ्लाईओवर को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्मित बताया गया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद ठेकेदार को कमियां दूर करनी होंगी और सरकार की ओर से जारी नए रखरखाव टेंडर की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी।






