डेंगू का खतरा बढ़ा, लापरवाही पड़ सकती है भारी बुखार उतरने के बाद भी रहें सतर्क, संकेत दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचें

डेंगू का खतरा बढ़ा, लापरवाही पड़ सकती है भारी
बुखार उतरने के बाद भी रहें सतर्क, संकेत दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचें
भोपाल, यश भारत। बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाला यह वायरल संक्रमण कुछ मामलों में गंभीर रूप ले सकता है। गंभीर डेंगू में रक्तस्राव शॉक और शरीर के अंगों को नुकसान जैसी स्थिति बन सकती है। खास बात यह है कि मरीज की हालत बुखार कम होने के बाद भी बिगड़ सकती है। डेंगू में अचानक तेज बुखार सिरदर्द आंखों के पीछे दर्द मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द जी मिचलाना उल्टी शरीर पर लाल चकत्ते और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। संक्रमित मच्छर के काटने के करीब 4 से 10 दिन बाद लक्षण सामने आ सकते हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज न करें , तेज पेट दर्द लगातार उल्टी नाक या मसूड़ों से खून आना खून की उल्टी या मल में खून तेज सांस चलना अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी बहुत अधिक प्यास लगना अथवा त्वचा का ठंडा और पीला पड़ना गंभीर चेतावनी संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। घर घर सावधानी से रोका जा सकता है डेंगू , डेंगू से बचाव में मच्छरों को पनपने से रोकना सबसे अहम है। घर के कूलर गमले पक्षियों के पानी के बर्तन और अन्य कंटेनरों का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार खाली कर साफ करें। पानी की टंकियों और ड्रम को ढककर रखें। पुराने टायर टूटे बर्तन डिब्बे नारियल के खोल और बारिश का पानी जमा करने वाली अन्य वस्तुओं को हटा दें। दिन में भी मच्छरों से बचाव जरूरी एडीज मच्छर दिन में भी सक्रिय रहता है। इसलिए पूरी बांह के कपड़े पहनें खिड़की दरवाजों पर मच्छररोधी जाली लगाएं और निर्देशानुसार मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें। दिन में सोते समय भी मच्छरदानी का उपयोग करें। घर में किसी व्यक्ति को डेंगू होने पर उसे भी मच्छरों से बचाना जरूरी है ताकि संक्रमण आगे न फैले। खुद से दवा लेने से बचें , डाक्टरों का कहना है कि डेंगू का कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार नहीं है। मरीज को आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ देना जरूरी है। बुखार या दर्द की दवा चिकित्सकीय सलाह से ही लें।







