किसानों ने दिया आज शाम 5 बजे तक अल्टीमेटम, संवाद के लिये सरकार ने किया समिति का गठन, देखे वीडियो

किसानों ने दिया आज शाम 5 बजे तक अल्टीमेटम, संवाद के लिये सरकार ने किया समिति का गठन, देखे वीडियो
भोपाल, यशभारत। अपनी विविध मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में आंदोलन कर रहे किसानों का गुस्सा बुधवार को चरम पर पहुंच गया। आंदोलन के तीसरे दिन दोपहर 12 बजे जैसे ही किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का ऐलान किया, पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस और प्रशासन ने किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु पर बसों और लोहे के बैरिकेड्स से 4-लेयर की मजबूत सुरक्षा दीवार खड़ी कर दी।
बैरिकेड्स तोड़कर बसों पर चढ़े किसान
सुरक्षा बलों द्वारा रास्ता रोके जाने से आक्रोशित किसान पहली लेयर की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पुलिस द्वारा खड़ी की गई बसों के ऊपर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी करने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर किसानों को नीचे उतारा। इसके बाद किसान सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए।
अर्धनग्न प्रदर्शन और सद्बुद्धि यज्ञ
विरोध दर्ज कराने के लिए दर्जनों किसानों ने सड़क पर ही अपनी कमीज और बनियान उतारकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। कई किसान सड़क पर लोट लगाते दिखे, तो वहीं कुछ किसानों ने सरकार को ‘सद्बुद्धि’ देने के लिए मौके पर ही हवन-यज्ञ किया। प्रदर्शन में बुजुर्ग किसानों के अलावा उनके परिवारों की महिलाएं और युवा (Gen-Z) भी अपने परिजनों के समर्थन में पहुंचे।
18 थानों की पुलिस तैनात, ड्रोन से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने संभाली। आंदोलन स्थल पर 18 थानों का पुलिस बल, 4 ACP, 4 DCP और 800 से अधिक अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। पूरे इलाके में हर मूवमेंट पर ड्रोन कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
स्कूलों में अवकाश, कई रूट डायवर्ट
होशंगाबाद रोड और आसपास के इलाकों में बिगड़ी यातायात व्यवस्था और सुरक्षा कारणों को देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड पर स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। यातायात पुलिस ने वाहनों को कोलार, 11 मील बाईपास, बावड़िया कलां ब्रिज और गोविन्दपुरा की तरफ डायवर्ट किया है।
पक्ष-विपक्ष का रुख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: सीएम ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर संवाद के लिए सरकार ने कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग और राकेश सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित की है, जो किसानों से लगातार संवाद कर रही है। हालांकि, सीएम ने स्पष्ट किया कि आम जनता को असुविधा न हो, यह भी सरकार की प्राथमिकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी: पीसीसी चीफ ने सरकार पर किसान आंदोलन को दबाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि मूंग की 100% खरीदी तुरंत शुरू की जाए, MSP की कानूनी गारंटी दी जाए और किसानों को खाद की किल्लत से निजात दिलाई जाए।
फिलहाल नर्मदापुरम रोड पर भारी पुलिस बल तैनात है और किसान मांगें पूरी न होने तक सड़क पर ही डटे रहने के मूड में हैं।







