समझौते के बावजूद गुफा मंदिर ट्रस्ट ने बंद किया रास्ता

समझौते के बावजूद गुफा मंदिर ट्रस्ट ने बंद किया रास्ता
– बरेला रहवासियों में आक्रोश, 15 फीट वैकल्पिक मार्ग देने पर बनी थी सहमति
– रहवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
भोपाल, यश भारत । गुफा मंदिर से बरेला गांव की ओर जाने वाले आवागमन मार्ग को लेकर रहवासियों और गुफा मंदिर ट्रस्ट के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। बरेला गांव के रहवासियों का आरोप है कि प्रशासन, मंदिर समिति और ग्रामीणों की मौजूदगी में पूर्व में हुए समझौते के बावजूद गुफा मंदिर ट्रस्ट ने आवागमन का रास्ता दोबारा बंद कर दिया है। रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में नाराजगी और आक्रोश है। रहवासियों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पूर्व में हुए समझौते के अनुसार रास्ता बहाल कराने की मांग की है।
रहवासियों के मुताबिक रास्ते को लेकर 13 जनवरी 2024 को विवाद की स्थिति बनी थी। इसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में संबंधित पक्षों के बीच बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में तत्कालीन एसडीएम, क्षेत्रीय एसीपी, गुफा मंदिर के महंत, ट्रस्ट के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बरेला गांव के रहवासी शामिल हुए थे। बैठक में सभी पक्षों के बीच आवागमन की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर चर्चा हुई थी।
15 फीट चौड़ा वैकल्पिक मार्ग देने पर सहमति
बैठक में सहमति बनी थी कि गैस गोदाम गांव के पास से मुख्य मार्ग की पुलिया तक करीब 15 फीट चौड़ा वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा। रहवासियों का कहना है कि इस मार्ग के तैयार होने तक वर्तमान चलित रास्ते से ग्रामीणों का आवागमन जारी रखने पर भी सहमति बनी थी। उनका आरोप है कि समझौते में तय व्यवस्था के बावजूद अब रास्ता फिर से बंद कर दिया गया है।
रहवासियों ने प्रशासन के समक्ष पूर्व में हुई बैठक और समझौते से संबंधित दस्तावेज तथा दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के छायाचित्र भी प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी में रास्ते को लेकर सहमति बनी थी। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग तैयार होने से पहले मौजूदा रास्ते को बंद किए जाने से ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है।
5 अगस्त को दोबारा बंद किया रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, 5 अगस्त को गुफा मंदिर ट्रस्ट द्वारा उक्त आवागमन मार्ग को दोबारा बंद कर दिया गया। रास्ता बंद होने के बाद बरेला गांव के रहवासियों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है और इसके बंद होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।|
रहवासियों ने कहा कि जब प्रशासन और संबंधित पक्षों की मौजूदगी में पहले ही समाधान पर सहमति बन चुकी थी, तो उसके विपरीत रास्ता बंद किया जाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि इससे पुराना विवाद फिर बढ़ सकता है और क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित होने की आशंका है।
प्रशासन से समाधान की मांग
बरेला गांव के रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में हुए समझौते की शर्तों के अनुसार मामले का तत्काल निराकरण कराया जाए। साथ ही जब तक 15 फीट का वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान रास्ते से आवागमन बहाल कराया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।







