छात्रों के समर्थन में कटनी से भी उठ रही आवाज, नीट पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं का शांति मार्च फॉरेस्टर प्लेग्राउण्ड से शनिवार को, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेश, की जा रही अपील

कटनी, यशभारत। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन चल रहा है। इस पर पूरे देश के साथ ही कटनी के लोगों की भी निगाहें लगी हुई है। कटनी से भी बड़ी संख्या में छात्र और राजनीतिक दलों के लोग इस आंदोलन मेंं शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। दिल्ली के सथ ही पूरे देश में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केन्द्र सरकार का विरोध हो रहा है और अब छात्रों के आंदोलन के समर्थन में कटनी में भी शामिल होने जा रहा है। गुरूवार को जहां समाजवादी पार्टी ने कचहरी चौक में सांकेतिक धरना दिया तो वहीं युवाओं द्वारा कल 25 जुलाई को दोपहर 12 बजे फॉरेस्टर प्लेग्राउंड से शांति मार्च का आव्हान किया गया है। शांति मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगा। युवाओं द्वारा इसमे छात्र-छात्राओं के साथ सभी वर्गों और सामाजिक संगठनों के लोगों से सहभागिता के लिए अपील की जा रही है। उधर पुलिस और प्रशासन ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
युवा वर्ग में जबरदस्त आक्रोश
नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर किए जा रहे आंदोलन को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज की तीखी आलोचना हो रही है। युवा वर्ग में इसको लेकर जबरदस्त आक्रोश है। युवा वर्ग अब सरकार से सीधा सवाल कर रहा है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा हैं। इतने संवेदनशील मामले को लेकर केंद्र सरकार अब तक निर्णय नहीं ले पाई है। जिसके चलते आंदोलन की आग राजधानी से लेकर अन्य शहरों तक पहुंच रही है। जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान युवाओं पर लाठीचार्ज का मुद्दा गर्माता जा रहा है। इस घटना ने युवाओं को आक्रोशित कर दिया है। जिसके चलते विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों पर युवाओं के संदेश चल रहे हैं, जिसमें युवा 25 जुलाई की दोपहर 12 बजे फॉरेस्टर प्लेग्राउंड से शांति मार्च निकालते हुए प्रदर्शन करने का आव्हान कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी ने कचहरी चौक पर दिया धरना
लोकतंत्र में तानाशाही के विरोध और दिल्ली के जंतर मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पुरानी कचहरी चौक स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के नीचे सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। धरने के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रही है। धरना प्रदर्शन में एड. संदीप नायक, विन्देश्वरी पटेल, प्रभात पांडे, हेमंत श्रीवास्तव, सचिन शर्मा, ओम आहूजा, मजहर नियाजी, विक्रम रजक सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत
धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि जंतर-मंतर में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल उठाने वाले छात्रों पर दमनात्मक रवैया अपना रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करने में सरकार विफल रही है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। नेताओं ने मांग की कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से किया जाए तथा उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित की जाए।







