बारिश ने खोली कलेक्ट्रेट की पोल
छत से टपकते पानी के बीच उपकरण बचाते नजर आए कर्मचारी
जबलपुर, यश भारत। जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य केंद्र कलेक्ट्रेट कार्यालय खुद बारिश में बदहाल नजर आ रहा है। बाहर से भव्य दिखने वाली कलेक्ट्रेट की इमारत की हकीकत बारिश की कुछ बूंदों ने सामने ला दी है। ऊपर की मंजिल पर कई कमरों की छत से पानी टपक रहा है। कहीं कर्मचारियों को अपनी कुर्सियां इधर-उधर खिसकाकर काम करना पड़ रहा है तो कहीं कंप्यूटर, प्रिंटर और की-बोर्ड को पानी से बचाने के लिए बैनर-पोस्टर और पन्नियों से ढकना पड़ा है।
हालात इतने खराब हैं कि कई जगह सीधे कार्यालयीन उपकरणों के ऊपर पानी गिर रहा है। कर्मचारियों को आशंका है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो लाखों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने के साथ महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज भी पानी की चपेट में आ सकते हैं।
विडंबना यह है कि कलेक्ट्रेट भवन के रखरखाव और रंग-रोगन पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद मामूली बारिश में ही भवन की व्यवस्था की पोल खुल गई। जिस कलेक्ट्रेट से पूरे जिले की व्यवस्थाओं की निगरानी होती है, वही बारिश में अव्यवस्थाओं से जूझता नजर आ रहा है। सवाल यह है कि आखिर रखरखाव के नाम पर खर्च होने वाली राशि का परिणाम भवन की छतों पर क्यों नजर नहीं आता?







