नर्मदा-हिरण उफान पर, कई घाट जलमग्न, हिरण के छोटे पुल डूबने से थमा आवागमन, मंडला-डिंडोरी की बारिश का असर, बरगी बांध के 13 गेट खुले; ग्वारीघाट में दुकानों तक पहुंचा पानी, धुआंधार जलमग्न, प्रशासन और रेस्क्यू टीमें अलर्ट

जबलपुर, यश भारत। जबलपुर जिले में भले ही इस बार बारिश सामान्य से कम हुई हो, लेकिन मंडला और डिंडोरी सहित आसपास के जिलों में हो रही बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। नर्मदा और हिरण नदी के कई घाटों पर जलस्तर बढ़ा है। बरगी बांध के 13 गेट करीब 2.15 मीटर तक खोले गए हैं और लगभग 3300 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते ग्वारीघाट, तिलवारा घाट और भेड़ाघाट में नर्मदा का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि फिलहाल जिले में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
ग्वारीघाट में दुकानों के ऊपर से बह रहा पानी
नर्मदा के बढ़े जलस्तर का सबसे ज्यादा असर ग्वारीघाट में दिखाई दे रहा है। यहां घाट के समीप लगी दुकानों तक पानी पहुंच गया है और कई स्थानों पर पानी दुकानों के ऊपर से बहता नजर आ रहा है। भेड़ाघाट में भी घाट और आसपास के निचले हिस्से पानी में डूब गए हैं। तिलवारा घाट पर भी जलस्तर बढ़ने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
वर्तमान में नर्मदा में करीब 5000 क्यूमेक पानी पहुंचने की जानकारी है। हालांकि पिछले दिन की तुलना में पानी आने की रफ्तार कुछ कम हुई है। यही वजह है कि फिलहाल बरगी बांध के और गेट खोलने की स्थिति नहीं बताई जा रही है।
हिरण नदी में डूबे गनयारी-हिनोता पुल
इधर, कटंगी क्षेत्र के समीप गनयारी और हिनोता पुल हिरण नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पानी में डूब गए हैं। दोनों पुलों के ऊपर करीब 5 से 8 फीट पानी बहने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। पुलों पर पानी आने के कारण इंद्राना और मझोली जाने वाले ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक पुल बंद होने से बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए मझोली और इंद्राना पहुंचना मुश्किल हो गया है। अतिरिक्त दूरी तय करने से समय और ईंधन का खर्च भी बढ़ गया है। तेज बहाव को देखते हुए पुल से आवागमन जोखिमभरा बना हुआ है।
जलस्तर घटने तक वैकल्पिक मार्ग का सहारा
हिरण नदी का जलस्तर कम होने तक गनयारी और हिनोता पुल से आवागमन शुरू होने की संभावना कम है। ग्रामीणों को फिलहाल वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से नदी और पुलों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
घाटों पर होमगार्ड की तैनाती
नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और पुलिस-प्रशासन की रेस्क्यू टीमें सतर्क हैं। ग्वारीघाट में होमगार्ड की एक बोट के साथ छह जवान तैनात किए गए हैं। इसी तरह भेड़ाघाट में भी एक बोट के साथ छह जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।
एनडीआरएफ भी अलर्ट मोड पर
आपात स्थिति से निपटने के लिए बनारस से आई एनडीआरएफ की टीम पहले से होमगार्ड मुख्यालय में मौजूद है। आवश्यकता पड़ने पर टीम को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में भेजकर रेस्क्यू और राहत कार्य शुरू किया जा सकेगा। फिलहाल नर्मदा और हिरण नदी के बढ़े जलस्तर के बावजूद जिले में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन नदी-घाटों और जलमग्न पुलों पर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।







