मल्टीकेयर अस्पताल पर करोड़ों के घोटाले का आरोप, एनएसयूआई ने एफआईआर की मांग उठाई शासन के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा, स्वतंत्र एजेंसी से जांच और विशेष ऑडिट की मांग
Multicare Hospital accused of multi-crore scam; NSUI demands FIR Allegations of inaction despite government directives; demand raised for a probe by an independent agency and a special audit

मल्टीकेयर अस्पताल पर करोड़ों के घोटाले का आरोप, एनएसयूआई ने एफआईआर की मांग उठाई
शासन के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा, स्वतंत्र एजेंसी से जांच और विशेष ऑडिट की मांग
भोपाल यश भारत। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने राजधानी भोपाल स्थित मल्टीकेयर अस्पताल में गंभीर अनियमितताओं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संचालन और शासकीय योजनाओं में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए अस्पताल संचालक तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संगठन ने मुख्यमंत्री मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि संगठन ने 16 मई 2025 को अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद सीएमएचओ भोपाल द्वारा जांच समिति गठित की गई। उनका दावा है कि 4 फरवरी 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन वास्तविक तथ्यों के विपरीत और अस्पताल को लाभ पहुंचाने वाला है। उनका कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। रवि परमार के अनुसार 10 मार्च 2026 को दोबारा शिकायत किए जाने पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 17 अप्रैल 2026 को आयुक्त को अस्पताल की मान्यता निरस्त करने, संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी अस्पताल की मान्यता निरस्त नहीं की गई और न ही किसी अधिकारी पर कार्रवाई हुई। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिक सेफ्टी नियमों का उल्लंघन हो रहा है तथा कुछ चिकित्सकों के नाम अन्य अस्पतालों में भी दर्ज बताए जा रहे हैं। संगठन ने पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) या क्राइम ब्रांच जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री स्वेच्छा नुदान एवं अन्य शासकीय योजनाओं के तहत हुए भुगतानों का विशेष ऑडिट कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देगा।







