महात्मा ज्योतिबा फुले की जन्म द्विशताब्दी पर नागरिक कन्वेंशन आयोजित शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का आह्वान
Citizens' Convention Held on the Bicentenary of Mahatma Jyotiba Phule Call to Propagate the Ideals of Education, Social Justice, and Equality Among the Masses

महात्मा ज्योतिबा फुले की जन्म द्विशताब्दी पर नागरिक कन्वेंशन आयोजित
शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का आह्वान
भोपाल यश भारत। समाज सुधारक शिक्षाविद और नवजागरण के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर रविवार को हिंदी भवन में नागरिक कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महात्मा फुले के जीवन उनके संघर्षों तथा शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में दिए गए योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं ज्योतिबा फुले जन्म द्विशताब्दी वर्ष के प्रदेश संयोजक प्रदीप आर. बी. ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने सामंती सोच और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए समाज के वंचित वर्गों को उनके मूलभूत अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने कहा कि स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले का योगदान अतुलनीय है जिसके लिए आज का समाज उनका सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने बताया कि ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए विद्यालय स्थापित किए। इस अभियान में उनके सहयोगी उस्मान शेख और उनकी बहन फातिमा शेख ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षा के प्रसार के लिए फुले दंपति ने अनेक कठिनाइयों और विरोधों का सामना किया लेकिन अपने उद्देश्य से कभी पीछे नहीं हटे। प्रदीप आर. बी. ने कहा कि वर्तमान समय में महात्मा फुले के विचारों और मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता है ताकि समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय पर आधारित समाज का निर्माण किया जा सके। कन्वेंशन में जन्म द्विशताब्दी वर्ष के दौरान वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन भी किया गया। समिति में शशिभूषण यादव को अध्यक्ष तथा सोनम शर्मा को सचिव चुना गया। इसके साथ ही 19 सदस्यीय जिला समिति और 6 सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों शिक्षाविदों और नागरिकों ने भाग लेकर महात्मा फुले के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।







