यश भारत विशेष : 93 की उम्र में भी कमाल की ऊर्जा: 70 वर्षों से योग साधना कर रहे योगाचार्य विष्णु आर्य आज भी सिखा रहे स्वस्थ जीवन का मंत्र
कूल्हे की हड्डी टूटने के बाद बिना ऑपरेशन हुए स्वस्थ; वाकर के सहारे 'योग निकेतन' पहुंचकर दे रहे प्रशिक्षण

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ अद्भुत ऊर्जा और कड़े अनुशासन की मिसाल बने सागर के वयोवृद्ध योगाचार्य विष्णु आर्य 93 वर्ष की उम्र में भी पूरी सक्रियता के साथ समाज को निरोग बनाने में जुटे हैं। पिछले 70 वर्षों से निरंतर योग साधना कर रहे श्री आर्य न केवल प्रशिक्षण दे रहे हैं, बल्कि योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन की राह दिखा रहे हैं। मध्य प्रदेश योग परिषद व आयुर्वेद सम्मेलन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रहे श्री आर्य ने पूर्व में आर्मी स्कूल और पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) में भी बतौर योग प्रशिक्षक सेवाएं दी हैं।
योगाचार्य विष्णु आर्य के जीवन का यह सफर वर्ष 1954 में आर्य समाज के संतों के संपर्क में आने से शुरू हुआ था। इसके बाद वर्ष 1968 में रायगढ़ विश्व योग सम्मेलन में उन्होंने स्वामी सत्यानंद सरस्वती (मुंगेर परंपरा) से योग दीक्षा ली। इसी वर्ष 1968 में उन्होंने सागर में ‘योग निकेतन’ की नींव रखी, जहां आज भी देश के कोने-कोने (कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि) से लोग डायबिटीज, अस्थमा और तनाव जैसी बीमारियों से मुक्ति पाने आते हैं। उनके व्यक्तिगत जीवन की दृढ़ इच्छाशक्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2025 में कूल्हे की हड्डी टूटने के बाद, उन्होंने बिना किसी ऑपरेशन के केवल योग अनुशासन और दृढ़ता के दम पर ढाई महीने में खुद को स्वस्थ कर लिया। आज वे वाकर के सहारे संस्थान पहुंचकर खुद भी अभ्यास करते हैं और दूसरों को भी सिखाते हैं।
मुख्यमंत्रियों के हाथों और राष्ट्रीय स्तर पर हो चुके हैं सम्मानित
योग के क्षेत्र में उनके इस अप्रतिम और लंबे योगदान के लिए उन्हें मध्य प्रदेश सरकार के ‘रामजी महाजन पुरस्कार’ तथा ‘स्वामी विवेकानंद योग पुरस्कार’ से नवाजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, पिछले वर्ष केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से संबद्ध संगठन *Yogasana Bharat* द्वारा गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेल महोत्सव के दौरान उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था। जीवन का सैकड़ा (100 वर्ष) पूरा करने का संकल्प रखने वाले योगाचार्य श्री आर्य को उनके जीवनकाल में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्रियों— अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा, शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है।
21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर भारी उत्साह व्यक्त करते हुए योगाचार्य विष्णु आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक पहल से आज योग को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उनका मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और विज्ञान है, जो आज की तनावभरी जीवनशैली और नशे की प्रवृत्ति से समाज को बचाकर मानसिक व शारीरिक संतुलन स्थापित करने का एकमात्र प्रभावी माध्यम है।







