इंदिरा आवास योजना के 12 आवासों से हटाया गया अवैध कब्जा
नगर निगम की बड़ी कार्रवाई चांदमारी बस्ती में पुलिस बल की मौजूदगी में खाली कराए गए मकान

इंदिरा आवास योजना के 12 आवासों से हटाया गया अवैध कब्जा
नगर निगम की बड़ी कार्रवाई चांदमारी बस्ती में पुलिस बल की मौजूदगी में खाली कराए गए मकान

कटनी, यशभारत । शासन की आवासीय योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से नगर निगम ने इंदिरा आवास योजना के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 12 आवासों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। निगम प्रशासन की इस कार्रवाई से वर्षों से योजना के लाभ से वंचित पात्र हितग्राहियों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
नगर निगम की संयुक्त टीम ने पडरवारा स्थित चांदमारी बस्ती में जांच के दौरान पाया कि इंदिरा आवास योजना के तहत निर्मित कई आवासों पर ऐसे लोगों का कब्जा है, जो योजना के पात्र हितग्राही नहीं हैं। जांच में यह भी सामने आया कि मूल आवंटियों द्वारा आवासों का उपयोग नहीं किया जा रहा था और कुछ अपात्र व्यक्तियों ने उन पर कब्जा जमा लिया था। इसे योजना के नियमों का उल्लंघन मानते हुए निगम प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि कब्जाधारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और उन्हें अपने दावे से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शनिवार को निगम प्रशासन ने पुलिस बल की सहायता से 12 आवासों को खाली कराया। कार्रवाई के दौरान योजना के नोडल अधिकारी सुनील सिंह और अतिक्रमण अधिकारी मानेंद्र सिंह सहित निगम अमला मौजूद रहा। निगम प्रशासन का कहना है कि इंदिरा आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासहीन परिवारों को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति नियमों के विरुद्ध योजना के आवासों पर कब्जा करता है तो इससे वास्तविक पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित हो जाते हैं। इसलिए अनधिकृत कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार खाली कराए गए आवासों के संबंध में पात्र हितग्राहियों की सूची का पुनः सत्यापन कराया जाएगा और नियमानुसार उन्हें आवास आवंटित किए जाएंगे। इससे उन परिवारों को लाभ मिलेगा जो लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।नगर निगम ने शहर में इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत निर्मित सभी आवासों का चरणबद्ध भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। यदि किसी अन्य आवास पर भी अनधिकृत कब्जा पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन का कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है और इस दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा।







