कीड़ों वाला खाना परोसे जाने पर फूटा छात्रों का गुस्सा : थालियां मवेशियों को खिलाकर किया विरोध

सतना यश भारत । कृपालपुर स्थित 100 सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार कीड़ों से युक्त भोजन परोसा जा रहा है। मंगलवार को नाराज छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने छात्रावास परिसर में प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया। विरोध स्वरूप छात्रों ने परोसा गया भोजन मवेशियों को खिला दिया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में छात्र रसोई में रखी खाद्य सामग्री दिखाते नजर आ रहे हैं। उनका आरोप है कि राशन और खाद्य सामग्री में कीड़े लगे हुए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। छात्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार खराब और कीड़ेयुक्त भोजन परोसा जा चुका है। कई शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं किया गया।
सुरक्षा बलों की तैयारी कर रहे युवाओं को मिल रहा घटिया भोजन
प्रदेश सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत युवाओं को 45 दिनों का नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों के रहने और भोजन की व्यवस्था छात्रावास में ही की गई है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आए आरोपों ने योजना की निगरानी और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राशन में भी कीड़े होने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दावा किया कि केवल पके हुए भोजन में ही नहीं, बल्कि रसोई में रखे गए राशन में भी कीड़े लगे हुए थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके लिए निम्न गुणवत्ता की खाद्य सामग्री उपयोग में लाई जा रही है, जबकि स्टाफ के लिए अलग और बेहतर गुणवत्ता का सामान सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि दूषित और गुणवत्ता विहीन भोजन के सेवन से फूड पॉइजनिंग सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। छात्रों का कहना है कि खराब भोजन के कारण कई बार उन्हें पेट संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
निजी फर्म को दिया गया है भोजन का ठेका
जानकारी के अनुसार छात्रावास में भोजन व्यवस्था का ठेका एसएसएससीएस नामक फर्म को दिया गया है, जिसका संचालन भूपेंद्र पांडेय द्वारा किया जा रहा है। प्रति छात्र 110 रुपये की दर से भोजन उपलब्ध कराने का अनुबंध है, जिसमें सुबह और शाम के नाश्ते की व्यवस्था भी शामिल है।
जांच के आदेश, कार्रवाई की चेतावनी
मामले की जानकारी मिलने के बाद पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग हरकत में आया है। विभाग के उप संचालक के.के. शुक्ला ने कहा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों, विशेषकर छात्रावास अधीक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के विरोध और सामने आए वीडियो ने छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता तथा निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच और उसके परिणाम पर टिकी हैं।







