अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेंगे कफ सिरप, केंद्र सरकार ने बदले दवा बिक्री के नियम
मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के बाद लिया निर्णय

नई दिल्ली। कफ सिरप से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कफ सिरप समेत सभी सिरप आधारित दवाओं की बिना डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) बिक्री पर रोक लगा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026’ के तहत यह बदलाव लागू किया है, जो सरकारी गजट में प्रकाशित होते ही प्रभावी हो गया है।
सरकार ने ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ के ‘शेड्यूल-के’ में संशोधन करते हुए सिरप आधारित दवाओं को छूट प्राप्त दवाओं की सूची से बाहर कर दिया है। अब इन दवाओं की खरीद के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होगी।
यह निर्णय पिछले वर्ष मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों के बाद लिया गया है। जांच में संबंधित कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मात्रा स्वीकार्य सीमा 0.1 प्रतिशत के मुकाबले 48.6 प्रतिशत तक पाई गई थी। इसके बाद संबंधित दवा निर्माता कंपनी का लाइसेंस रद्द कर उसे बंद करने के निर्देश दिए गए थे। सरकार का मानना है कि नए नियम से दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।







