बिना ई-टोकन और अधिक कीमत पर डीएपी बेचने पर कृषि केंद्र संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

सिवनी यश भारत:-जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए बंडोल स्थित एक कृषि केंद्र संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में डीएपी उर्वरक का बिना ई-टोकन एवं निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर विक्रय किए जाने सहित कई अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, सिवनी के निर्देश पर गठित निरीक्षण दल ने बंडोल स्थित साहू कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उर्वरकों के भंडारण, विक्रय व्यवस्था तथा अभिलेखों की जांच की गई। टीम को जांच में डीएपी उर्वरक निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचे जाने और शासन द्वारा निर्धारित ई-टोकन एवं पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) प्रणाली का पालन नहीं किए जाने के प्रमाण मिले।
निरीक्षण दल ने कृषि केंद्र और उससे संबंधित गोदाम में रखे उर्वरकों का भौतिक सत्यापन भी किया। इस दौरान डीएपी, यूरिया, एनपीके, म्यूरेट ऑफ पोटाश तथा सिंगल सुपर फास्फेट सहित विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का भंडारण पाया गया। अधिकारियों ने संचालक से उर्वरकों के क्रय-विक्रय, स्टॉक रजिस्टर तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन वह निर्धारित अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सका।
जांच में उर्वरकों के भंडारण और विक्रय संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कृषि विभाग ने विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर थाना बंडोल को कार्रवाई के लिए भेजा। विभागीय प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस ने संबंधित कृषि केंद्र संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों को निर्धारित दर पर और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली अथवा ई-टोकन व्यवस्था के उल्लंघन जैसी शिकायतों पर आगे भी लगातार निरीक्षण और सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की विवेचना थाना बंडोल पुलिस द्वारा की जा रही है।







